सोनीपत खबर: सोनीपत में भालोठ ब्रांच नहर पक्कीकरण रुका, किसानों ने धरना शुरू किया
सोनीपत: किसानो से बात करते हुए एक्सईएन प्रशांत बराबर में रुका हुआ नहरी निर्माण।
सोनीपत, अजीत कुमार। सोनीपत के गोहाना क्षेत्र के गांव जौली, लाठ और न्यात के किसानों ने भालोठ ब्रांच नहर के पक्कीकरण कार्य का विरोध करते हुए शुक्रवार को निर्माण कार्य रुकवा दिया। किसानों ने जौली-न्यात मार्ग पर नहर पुल के पास धरना शुरू कर दिया। किसानों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा।
धरने का नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल ने किया। किसानों का कहना है कि सरकार नहर के किनारों को पक्का करे, लेकिन नहर का तल कच्चा छोड़ा जाए ताकि भूजल रिचार्ज बना रहे और गांवों में पेयजल संकट पैदा न हो।
किसानों ने आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग भालोठ ब्रांच नहर को पूरी तरह पक्का कर रहा है। इससे इलाके का भूजल स्तर प्रभावित होगा। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पहले से ही पीने का पानी खारा है और अधिकतर गांवों में नहर किनारे लगे ट्यूबवेलों से ही पेयजल की व्यवस्था हो रही है।
किसानों के अनुसार यदि नहर का तल भी सीमेंट से पक्का कर दिया गया तो जमीन में पानी का रिसाव बंद हो जाएगा। इससे भूजल रिचार्ज रुक जाएगा और नहर किनारे लगे ट्यूबवेल सूख जाएंगे। किसानों ने इसे आने वाले समय का बड़ा जल संकट बताया।धरने पर बैठे किसानों ने कहा कि उन्हें नहर के किनारों को पक्का करने पर कोई आपत्ति नहीं है, क्योंकि इससे कटाव रुकता है और पानी की बचत होती है। लेकिन नहर का तल कच्चा रहना जरूरी है ताकि पानी जमीन में जाकर भूजल स्तर बनाए रख सके। निर्माण कार्य रुकने की सूचना मिलने पर सिंचाई विभाग के एक्सईएन प्रशांत, एसडीओ प्रियव्रत, जेई दीपक और ठेकेदार रघुबीर मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर काम दोबारा शुरू कराने का प्रयास किया, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे। बातचीत बेनतीजा रहने के बाद अधिकारी वापस लौट गए और किसानों ने धरना जारी रखा। किसानों ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और बड़ा किया जाएगा।
