July 7, 2026

ट्रम्प पर फीफा में हस्तक्षेप के आरोप: रेड कार्ड रद्द होने से विश्व फुटबॉल में छिड़ी नई बहस

Allegations of Trump's interference in FIFA; overturning of red card sparks fresh debate in world football.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प।

अमेरिका। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर फीफा के निर्णय में हस्तक्षेप करने के आरोपों के बाद विश्व फुटबॉल में नई बहस छिड़ गई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी फुटबॉल टीम के स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन को मिले रेड कार्ड के मामले में ट्रम्प ने कथित रूप से फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो से बातचीत की, जिसके बाद खिलाड़ी पर लगाया गया एक मैच का प्रतिबंध हटा दिया गया। हालांकि, इस संबंध में फीफा की ओर से राजनीतिक दबाव स्वीकार नहीं किया गया है।

बालोगुन को बोस्निया के खिलाफ नॉकआउट मुकाबले में रेड कार्ड मिला था। सामान्य नियमों के अनुसार उन्हें अगले मैच से बाहर रहना चाहिए था, लेकिन बाद में उन्हें बेल्जियम के खिलाफ प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में खेलने की अनुमति दे दी गई। इसके बावजूद अमेरिकी टीम बेल्जियम से 4-1 से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई।

रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रम्प ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि उन्होंने फीफा अध्यक्ष से इस मामले पर बातचीत की थी। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगा कि बालोगुन का फाउल इतना गंभीर था कि उस पर एक मैच का प्रतिबंध लगाया जाए। ट्रम्प ने यह भी कहा कि प्रतिबंध हटाने का फैसला उचित था।

दूसरी ओर, फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने कहा कि अनुशासन समिति ने उपलब्ध तथ्यों और नियमों के आधार पर स्वतंत्र रूप से निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर मामले का मूल्यांकन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है।

इस फैसले का बेल्जियम फुटबॉल महासंघ और यूरोपीय फुटबॉल संगठनों ने विरोध जताया है। उनका कहना है कि यदि किसी खिलाड़ी पर लगाए गए प्रतिबंध में बदलाव किया जाता है तो उसकी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। इस घटनाक्रम के बाद फीफा की निष्पक्षता और निर्णय प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

विश्व कप के इतिहास में रेड कार्ड से जुड़े विवाद पहले भी सामने आते रहे हैं। वर्ष 1962 में ब्राजील के दिग्गज खिलाड़ी गरिंचा का रेड कार्ड भी बाद में प्रभावी नहीं रहा था। हालांकि उस समय के नियम अलग थे। इसके बाद भी कई विश्व कप में रेफरी के फैसलों पर विवाद हुए, लेकिन किसी राष्ट्राध्यक्ष के हस्तक्षेप को लेकर यह मामला सबसे अधिक चर्चा में माना जा रहा है।

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