सोनीपत: खेल विश्वविद्यालय में सत्र 2026-27 प्रवेश प्रक्रिया 20 अप्रैल से शुरू होगी
सोनीपत: कुलपति अशोक कुमार।
सोनीपत, अजीत कुमार। हरियाणा खेल विश्वविद्यालय में गुरुवार को पत्रकार वार्ता में कुलपति अशोक कुमार ने शैक्षणिक सत्र 2026–27 के प्रवेश पंजीकरण की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के खिलाड़ी उत्साह, अनुशासन और संकल्प के साथ नियमित अभ्यास कर रहे हैं तथा टीम भावना का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और विशेषज्ञ मार्गदर्शन से विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारा जा रहा है।
कुलपति ने कहा कि खिलाड़ियों के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशिक्षक दल तकनीकी दक्षता को हर स्तर पर बेहतर बना रहा है, जिससे शारीरिक क्षमता के साथ मानसिक दृढ़ता और आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है। खेल को प्रतिस्पर्धा के साथ संतुलन, नियंत्रण और सटीकता की परीक्षा बताया गया।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के कार्यक्रमों की संख्या 28 से बढ़ाकर 30 कर दी गई है। इस सत्र में पीजी डिप्लोमा स्पोर्ट्स कोचिंग (तीरंदाजी) तथा एमएससी स्पोर्ट्स साइंस नए पाठ्यक्रम के रूप में शुरू किए गए हैं।
प्रमुख पाठ्यक्रम और सीटें इस प्रकार हैं बीपीईएस 3 व 4 वर्ष, 150 सीटें। बीएससी स्पोर्ट्स साइंस 3 व 4 वर्ष, 50 सीटें। एमपीईएस 2 वर्ष, 30 सीटें। एमएससी स्पोर्ट्स साइंस 2 वर्ष, 20 सीटें। पीएचडी पर्यवेक्षक उपलब्धता अनुसार। पीजी डिप्लोमा स्पोर्ट्स कोचिंग 1 वर्ष, प्रति खेल 25 सीटें। पीजी डिप्लोमा अन्य विषय 1 वर्ष, प्रति पाठ्यक्रम 20 सीटें। स्पोर्ट्स कोचिंग पाठ्यक्रमों में एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, मुक्केबाजी, क्रिकेट, फुटबॉल, हैंडबॉल, कबड्डी, नेटबॉल, लॉन टेनिस, वॉलीबॉल, कुश्ती, योगासन, जूडो, तैराकी, हॉकी, शूटिंग, तीरंदाजी और ताइक्वांडो शामिल हैं। अन्य विषयों में स्पोर्ट्स मैनेजमेंट, स्पोर्ट्स साइकोलॉजी, स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन, स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग तथा स्पोर्ट्स जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन शामिल हैं।
ऑनलाइन पंजीकरण 20 अप्रैल से शुरू होकर 30 जून 2026 तक चलेगा। वर्तमान सत्र में विद्यार्थियों ने राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगभग 100 पदक जीते हैं। सत्र 2024–25 के करीब 65 प्रतिशत विद्यार्थी सरकारी, निजी या स्वरोजगार में कार्यरत हैं। अब तक 15 कार्यशालाएं, एक राष्ट्रीय सम्मेलन और विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किए जा चुके हैं। तीन वर्ष में छात्र संख्या के आधार पर विश्वविद्यालय देश का तीसरा सबसे बड़ा खेल विश्वविद्यालय बन चुका है। इच्छुक अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट पर समय रहते आवेदन करें।
