सोनीपत खबर: सतलोक आश्रम में मानवता की सेवा सबसे बड़ा धर्म देखने को मिला: सतवंत सिंह
सोनीपत: भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सतवंत सिंह सतलोक आश्रम संत रामपाल से आशीर्वाद लेते हुए
सोनीपत, ज्योति शर्मा। सोनीपत जिले के गोहाना क्षेत्र के गांव धनाना स्थित सतलोक आश्रम इन दिनों सामाजिक और जनसेवा गतिविधियों के कारण चर्चा का केंद्र बना हुआ है। विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों का आश्रम में आगमन लगातार जारी है। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सतवंत सिंह आश्रम पहुंचे और संत रामपाल महाराज से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया।
बुधवार को सतवंत सिंह ने कहा कि मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और सतलोक आश्रम में यह भावना स्पष्ट रूप से देखने को मिलती है। कार्यक्रम के दौरान सेवादारों ने उन्हें आश्रम की भविष्य की जनकल्याणकारी योजनाओं से भी अवगत कराया। अंत में सतवंत सिंह ने संत रामपाल महाराज के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए समाज सुधार के इन कार्यों में अपना समर्थन देने की बात कही।
आश्रम पहुंचने पर सेवादारों ने सतवंत सिंह का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। उन्होंने सभी को राम-राम कहकर अभिवादन किया और आश्रम के शांत तथा आध्यात्मिक वातावरण की प्रशंसा की। इस दौरान उन्हें आश्रम की जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवा कार्यों की जानकारी दी गई। सतवंत सिंह ने कहा कि यहां किए जा रहे कार्य समाज के लिए प्रेरणादायक हैं।
भाजपा नेता ने विशेष रूप से पंजाब में आई बाढ़ के दौरान किए गए राहत कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि जब किसान बाढ़ की समस्या से जूझ रहे थे, तब आश्रम के सेवादारों ने जमीन पर उतरकर सहायता पहुंचाई। बाढ़ प्रभावित खेतों से पानी निकालने के लिए बिजली की मोटरें और पाइप उपलब्ध कराए गए। इसके साथ ही किसानों को तकनीकी सहायता तथा आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए, जिससे फसल और जमीन बचाने में मदद मिली।
सतवंत सिंह ने कहा कि आश्रम गरीब परिवारों के लिए पक्के मकान बनवाने और निःशुल्क राशन उपलब्ध कराने जैसे कार्य कर रहा है। उनके अनुसार यह पहल समाज में सकारात्मक संदेश देती है। कार्यक्रम के दौरान आश्रम प्रबंधन ने भविष्य की जनकल्याण योजनाओं की जानकारी भी साझा की।
संत रामपाल महाराज की ओर से जारी संदेश में समाज सेवा को प्राथमिकता देने की बात कही गई। आश्रम प्रबंधन ने बताया कि जरूरतमंद परिवारों की सहायता आगे भी जारी रहेगी। अंत में सतवंत सिंह ने इन प्रयासों में अपना समर्थन देने की बात दोहराई और आश्रम के कार्यों को प्रेरणास्रोत बताया।
