सोनीपत क्राइम: सोनीपत में गैंगेस्टर नीरज हत्याकांड मामले में तीन बदमाश मुठभेड़ में घायल
सोनीपत: एंटी गैंगस्टर यूनिट और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में घायल तीनों आरोपित।
सोनीपत, अजीत कुमार। सोनीपत पुलिस ने खरखौदा कोर्ट हत्याकांड मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन बदमाशों को मुठभेड़ के बाद रविवार को काबू कर लिया। मुरथल थाना क्षेत्र के गांव रेवली के पास एंटी गैंगस्टर यूनिट और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में तीनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी। घायल हालत में उन्हें नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पांच अवैध हथियार और कारतूस बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार खरखौदा कोर्ट के बाहर गैंगस्टर नीरज की हत्या के बाद से तीनों आरोपी फरार चल रहे थे। सूचना मिली थी कि आरोपी मुरथल क्षेत्र में छिपे हुए हैं और किसी बड़ी वारदात की तैयारी कर रहे हैं। सूचना के आधार पर एंटी गैंगस्टर यूनिट ने इलाके में घेराबंदी की। पुलिस ने आरोपियों को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें तीनों बदमाश घायल हो गए। घायल आरोपियों की पहचान नवनीत, सोहन और साहिल बाउ के रूप में हुई है। तीनों झज्जर जिले के गांव दुबलधन के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पुलिस के अनुसार 16 मई को नीरज अपनी पत्नी के साथ दहेज मामले में तारीख पर खरखौदा कोर्ट आया था। दोपहर में कोर्ट से बाहर निकलकर बस स्टैंड की ओर जाते समय तहसील के मुख्य गेट के सामने एक सफेद रंग की ब्रेजा गाड़ी ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही वह सड़क पर गिर गया। इसके बाद गाड़ी से उतरे युवकों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गंभीर रूप से घायल नीरज की मौके पर ही मौत हो गई थी।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वर्ष 2009 में नीरज ने नवनीत के चाचा की हत्या की थी। पुलिस के अनुसार उसी रंजिश में इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया। पुलिस इस मामले को गैंगवार और पुरानी दुश्मनी से जोड़कर जांच कर रही है। इस मामले में पुलिस पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब मुठभेड़ के बाद तीनों फरार आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में आ गए हैं।
मुठभेड़ के दौरान नवनीत, सोहन उर्फ काकू और साहिल बाउ के पैरों में गोली लगी। इस कार्रवाई में पीएसआई विवेक, एएसआई विक्रांत, सब इंस्पेक्टर मनजीत, एचसी प्रदीप, एएसआई अमित और एससी प्रदीप शामिल रहे। वहीं दूसरी एएनसी टीम में इंस्पेक्टर सतेंद्र, पीएसआई जितेंद्र, सब इंस्पेक्टर सुरेश, एएसआई आशीष, एचसी अमित और कांस्टेबल नवीन व संदीप ने अहम भूमिका निभाई।
