May 20, 2026

सोनीपत में कांग्रेस का धरना: महंगाई और नीट पर प्रदर्शन राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया

Congress staged a sit-in in Sonipat, demonstrated against inflation and NEET, submitted a memorandum to the President.

सोनीपत: कांग्रेस नेता राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देते हुए।

सोनीपत, अजीत कुमार। सोनीपत में कांग्रेस नेताओं ने महंगाई और नीट परीक्षा पेपर लीक के विरोध में बुधवार को मिनी सचिवालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद जिला कांग्रेस कमेटी ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की बढ़ी कीमतें वापस लेने और नीट पेपर लीक मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की गई। नेताओं ने कहा कि देश के लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा हुआ है।

धरने के दौरान नेताओं ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई ने आम आदमी, किसान, मजदूर और मध्यम वर्ग की कमर तोड़ दी है। उनका आरोप था कि टैक्स बढ़ाकर जनता पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है और राहत देने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। जिला अध्यक्ष कमल दीवान ने कहा कि देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल नीट परीक्षा का पेपर लीक होना बेहद गंभीर घटना है, जिससे करीब बाईस लाख विद्यार्थियों और उनके परिवारों की मेहनत और भरोसे को गहरा आघात पहुंचा है।

Congress staged a sit-in in Sonipat, demonstrated against inflation and NEET, submitted a memorandum to the President.
सोनीपत: कांग्रेस नेता प्रदर्शन करते हुए।

नेताओं ने बताया कि इस घटना के बाद लाखों विद्यार्थी मानसिक तनाव और अवसाद झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पांच विद्यार्थियों द्वारा आत्महत्या की खबरें बेहद दुखद हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियां सामने आ चुकी हैं, पेपर लीक माफिया सक्रिय है और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है। कांग्रेस ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ उदाहरणात्मक कार्रवाई की मांग की।

पूर्व विधायक जगबीर मलिक ने कहा कि 15 मई 2026 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन रुपए प्रति लीटर से अधिक तथा सीएनजी में तीन रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई। उन्होंने कहा कि यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब आम नागरिक पहले से महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रहा है। ईंधन महंगा होने से परिवहन, खेती, उद्योग और रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले 11 वर्षों में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से जनता पर भारी आर्थिक बोझ पड़ा है। ज्ञापन में नीट मामले की उच्चस्तरीय जांच, पेपर लीक माफिया पर सख्त कार्रवाई और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए कड़े कानून लागू करने की मांग की गई। साथ ही ईंधन की कीमतें घटाने और महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की गई।

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