February 22, 2026

भूपेंद्र सिंह हुड्डा: 35% कटऑफ से खाली रह रहे हजारों पद, हरियाणवी युवाओं के साथ अन्याय

Thousands of posts remain vacant due to 35% cutoff, injustice to Haryana youth

HPSC की 35% कटऑफ नीति पर भड़के हुड्डा, बोले—हरियाणवियों की नौकरी और आरक्षण पर हमला

चंडीगढ़। हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) की 35 प्रतिशत न्यूनतम अंक नीति को लेकर विरोध तेज होता जा रहा है। मंगलवार को HPSC अभ्यर्थियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इस दौरान हुड्डा ने 35% कटऑफ नीति को हरियाणवी युवाओं के अधिकारों और आरक्षण व्यवस्था पर सीधा हमला बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने यह नीति एक साजिश के तहत बनाई है, ताकि योग्य उम्मीदवारों को फेल कर पद खाली रखे जा सकें। हुड्डा ने कहा कि पहले से बेरोजगारी झेल रहे युवाओं के साथ यह अन्याय है और इससे आरक्षित वर्गों को सबसे अधिक नुकसान हो रहा है।

35% कटऑफ से खाली रह रहे पद
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि HPSC की यह नीति जानबूझकर नौकरियों के पद खाली रखने का जरिया बन गई है। असिस्टेंट प्रोफेसर और PGT जैसी भर्तियों में हजारों पद खाली पड़े हैं, जबकि योग्य उम्मीदवार मौजूद हैं। इसके बावजूद 35% कटऑफ के नाम पर उन्हें बाहर किया जा रहा है।

आरक्षित वर्गों पर सबसे ज्यादा असर
अभ्यर्थियों ने बताया कि BC-A, BC-B, SC, DSC और EWS वर्गों में पास होने वाले उम्मीदवारों की संख्या बेहद कम रह गई है। इससे आरक्षण केवल कागजों तक सीमित होकर रह गया है। हुड्डा ने कहा कि यह नीति रिलेटिव मेरिट की बजाय एब्सोल्यूट मेरिट के नाम पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ है।

अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें
अभ्यर्थियों ने मांग की कि SKT/सब्जेक्टिव पेपर में 35% का प्रावधान तुरंत खत्म किया जाए, सभी विषयों की परीक्षा दोबारा कराई जाए, हर भर्ती में पदों से दोगुने उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाए, मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और सभी खाली पदों को तुरंत भरा जाए।

कौशल निगम कर्मियों की वेतन समस्या भी उठी
इस मौके पर हरियाणा कौशल रोजगार निगम के कर्मियों ने भी हुड्डा को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि HSIIDC व अन्य विभागों में कार्यरत कई कर्मियों को तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। हुड्डा ने कहा कि सरकार को इन कर्मियों का वेतन ब्याज सहित तुरंत देना चाहिए और युवाओं की समस्याओं का शीघ्र समाधान करना चाहिए।

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