सतकुम्भा धाम: गंगा दशहरे पर सतकुम्भा धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़
गंगा दशहरे पर सतकुम्भा धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़।
गन्नौर, अजीत कुमार। पुरुषोत्तम मास और गंगा दशहरे के शुभ अवसर पर प्राचीन धार्मिक स्थल सतकुम्भा धाम में सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। धाम पर पहुंचे भक्तों के लिए भंडारा और ठंडे मीठे पानी की छबील लगाई गई थी श्रद्धालुओं ने श्रद्धा की डुबकी लगाई। सिद्धपीठ तीर्थ सतकुंभा धाम के पीठाधीश्वर श्रीमहंत राजेश स्वरूप जी महाराज से आने वाले श्रद्धालुओं ने आशीर्वाद लिया।
गंगा दशहरे के अवसर पर महाराज श्री ने कहा कि यह पर्व आस्था, पुण्य और श्रद्धा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि शास्त्रों के अनुसार गंगा दशहरे के दिन मां गंगा का अवतरण धरती पर हुआ था। इस अवसर पर किसी भी पवित्र तीर्थ, सरोवर या धार्मिक तालाब में स्नान करने से गंगा स्नान के समान पुण्य प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि 68 तीर्थों में शामिल सतकुम्भा तीर्थ सप्त ऋषियों द्वारा स्थापित है और इसकी धार्मिक मान्यता अत्यंत विशेष है। मान्यता है कि इस तीर्थ में समस्त नदियों का पुण्य समाहित है।

धाम पर दिनभर पूजा-अर्चना, स्नान और भण्डारे का आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं ने परिवार सहित पहुंचकर धर्म लाभ लिया और सुख-समृद्धि की कामना की। भण्डारे की सेवा मार्किट कमेटी गन्नौर के चेयरमैन निशांत छौक्कर और सेठपाल प्रधान द्वारा की गई। वहीं बैनीवाल खाप के प्रदेश महासचिव अनिल बैनीवाल अपनी पत्नी अनीता के साथ महाराज का आशीर्वाद लेने पहुंचे।
श्रद्धालुओं के लिए ठंडे पानी की छबील की व्यवस्था ब्रह्मपाल छौक्कर द्वारा करवाई गई। धाम में सेवा और व्यवस्थाओं में बाबा सत्यवान स्वरूप, प्रबंधक सूरज शास्त्री, प्रवीण सैनी, संजय नाथ, सोनू हलवाई, अमन आचार्य, विजय, शीशपाल, नरेंद्र, सोमवीर शास्त्री, पवन शर्मा और समस्त छौक्कर परिवार ने सहयोग किया।
गंगा दशहरे के अवसर पर सतकुम्भा धाम में सुबह से देर शाम तक धार्मिक माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने तीर्थ में स्नान कर पूजा-अर्चना की और समाज में सुख, शांति तथा समृद्धि की कामना की।
फोटो में देखें सतकुम्भा धाम पर गंगा दशहरे का उत्सव







