सोनीपत: भारत-पाकिस्तान एशिया एमएमए खिताब के लिए भिड़ेंगे संग्राम और आबिद
भारत-पाकिस्तान एशिया एमएमए खिताब के लिए भिड़ेंगे संग्राम और आबिद।
सोनीपत, अजीत कुमार। भारत और पाकिस्तान के बीच खेल प्रतिद्वंद्विता का रोमांच एक बार फिर चरम पर पहुंचने जा रहा है। इस बार दोनों देशों के खिलाड़ी मिश्रित मार्शल आर्ट्स (एमएमए) के प्रतिष्ठित एशिया चैंपियनशिप मुकाबले में आमने-सामने होंगे। 19 जुलाई को मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में भारत के स्टार एमएमए फाइटर और अंतरराष्ट्रीय पहलवान संग्राम सिंह का मुकाबला पाकिस्तान के आबिद अली से एशिया चैंपियनशिप खिताब के लिए होगा। इस बहुप्रतीक्षित मुकाबले ने अंतरराष्ट्रीय खेल जगत का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया है।
आयोजकों के अनुसार यह हाल के वर्षों में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले सबसे बड़े कॉम्बैट खेल मुकाबलों में से एक माना जा रहा है। मुकाबले को लेकर उत्साह इतना अधिक है कि मलेशिया के प्रधानमंत्री के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, उनकी उपस्थिति की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
संग्राम सिंह ने कहा कि वह जब भी केज में उतरते हैं तो केवल अपने लिए नहीं बल्कि पूरे भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत-पाकिस्तान का हर मुकाबला भावनाओं से जुड़ा होता है और वह पूरी तैयारी, अनुशासन तथा आत्मविश्वास के साथ एशिया चैंपियन बनने के लक्ष्य से उतरेंगे। उनका मानना है कि फिटनेस, मानसिक मजबूती और समर्पण किसी भी खिलाड़ी की सबसे बड़ी ताकत होती है।
दो बार के राष्ट्रमंडल हैवीवेट कुश्ती चैंपियन रह चुके संग्राम सिंह ने पेशेवर एमएमए में भी शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने अपने पहले मुकाबले में जॉर्जिया में पाकिस्तान के अली रज़ा नासिर को मात्र 90 सेकंड में पराजित किया था। इसके बाद उन्होंने नीदरलैंड में ट्यूनीशिया के हाकिम त्राबेल्सी तथा अर्जेंटीना में फ्रांस के फ्लोरियन कूडियर को हराकर लगातार तीन जीत दर्ज कीं। इसके साथ ही वह अर्जेंटीना में पेशेवर एमएमए मुकाबला जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी भी बने।
खेल के साथ-साथ संग्राम सिंह सामाजिक अभियानों से भी जुड़े हुए हैं। वह फिट इंडिया अभियान के आइकन तथा स्वच्छ भारत और विकसित भारत अभियानों के ब्रांड एंबेसडर हैं। भारतीय खेल प्राधिकरण के उप महानिदेशक मयंक श्रीवास्तव ने उन्हें अनुशासन और दृढ़ संकल्प का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनका सफर देश के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। वहीं उनके कोच भूपेश कुमार का कहना है कि पिछले दो वर्षों में संग्राम ने तकनीक, फिटनेस और मानसिक तैयारी पर कड़ी मेहनत की है तथा वह भारत के लिए एक और ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि एशिया चैंपियनशिप का यह मुकाबला तकनीक, ताकत और मानसिक दृढ़ता की कड़ी परीक्षा साबित होगा।
