August 22, 2026

poet Dalichand Jangid

जीवन में हर किसी को महत्व दें, क्योंकि हर व्यक्ति हमारे जीवन में किसी न किसी उद्देश्य से आता है।...

अरे हल्दीघाटी री माटी बोलै है, चेतक री टापां आज भी डोलै है, कुण कहवै राणा हार'र गयो, अरे वो...

जांगिड़ ब्राह्मणों से करते है हम यह निवेदन.... खुद जाग के समाज को जगा दो जांगिड़ ब्राह्मणों। कर्त्तव्य जानो और...

नदियां कल कल बहती रहती पहाड़ों से उछल-कूद कर पत्थरों से टकराती बल खाती नाग-मोड़ तीव्र चाल ये चलती अपना...

बच्चे के जन्मते ही घर परिवार में खुशीयां छाई हजार। महिलाओं ने मंगळा गीत गाए चार, माँ फुली न समाई...

हर काम सोच समझकर करिये, कारण आपके हर शब्द ईश्वरीय रिकॉर्ड व्यवस्था (कुदरत में) में दर्ज होकर "ऐवरी ऐक्शन ईज...

एक दु:खी बाप के ह्रदय से निकले दु:ख भरे उद्दगार.... हाय बुढापा थनै कोई लेवे तो बेच दूं , मोल...