सोनीपत: मानसून की पहली बारिश में जलभराव, किसानों को मिली बड़ी राहत
सोनीपत: बरसात के बाद जलभराव में से होकर निकलते वाहन।
सोनीपत, अजीत कुमार। मानसून की पहली बारिश ने सोनीपत और गन्नौर में नगर निगम व स्थानीय निकायों की तैयारियों की पोल खोल दी। गुरुवार की अल सुबह हुई बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली और बच्चों से लेकर युवाओं तक ने मानसूनी फुहारों का आनंद लिया। वहीं शहर, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर जलभराव से लोगों की परेशानी बढ़ गई।
सोनीपत शहर की कॉलोनियों, मुख्य सड़कों, अंडरपास और गांवों में पानी भरने से वाहन चालकों और राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सीवर लाइन और नालों की डी-सिल्टिंग पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद पहली ही बारिश में जल निकासी व्यवस्था कमजोर साबित हुई। इससे आगामी दिनों में संभावित तेज बारिश को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है। बारिश के बाद किसानों ने धान की रोपाई की तैयारियां तेज कर दी हैं। कई किसानों ने धान की रोपाई भी शुरू कर दी। किसानों का कहना है कि मानसून आने से धान की फसल के लिए पर्याप्त पानी मिलने की उम्मीद बढ़ गई है, जिससे सिंचाई का खर्च भी कम होगा।
मौसम विभाग के अनुसार इस बार हरियाणा में मानसून सामान्य से करीब अड़तालीस घंटे की देरी से पहुंचा है। पिछले बारह वर्षों में यह दूसरा अवसर है जब मानसून इतनी देरी से सक्रिय हुआ है। इससे पहले वर्ष 2014 में भी एक जुलाई को मानसून ने प्रदेश में दस्तक दी थी। विभाग ने अगले 48 घंटों में पूरे हरियाणा में मानसून सक्रिय होने का अनुमान जताया है। साथ ही सात जुलाई तक बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अंबाला, यमुनानगर सहित आठ जिलों में भारी बारिश की संभावना है।
बारिश के बाद सोनीपत में नगर निगम के सफाई दावों पर भी सवाल उठे। एक दिन पहले समीक्षा बैठक में पार्षदों ने डी-सिल्टिंग कार्य की गुणवत्ता पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि ठेकेदारों के पास पर्याप्त मशीनें और संसाधन नहीं हैं तथा काम केवल औपचारिकता बनकर रह गया है।
गन्नौर के गांव कैलाना में मुख्य मार्ग पर करीब 500 मीटर तक पानी भर गया, जबकि गांव मोई माजरी में टूटी और गड्ढों वाली सड़कें बारिश के बाद और खतरनाक हो गईं। सोनीपत के शनि मंदिर अंडरपास तथा गन्नौर की कई सड़कों पर भी जलभराव रहा। गन्नौर की रेलवे रोड पर अनाज मंडी के पास सड़क पर जमा पानी मोटर की सहायता से नाले में निकाला गया।
