July 1, 2026

वेनेजुएला में भारतीय नाविक की मौत पर सनसनी: परिजनों ने लगाए अंग गायब होने के गंभीर आरोप

Sensation over Indian seafarer's death in Venezuela; family makes serious allegations of missing organs.

भारतीय नाविक राकेश चौहान की संदिग्ध मौत का रहस्य गहराया।

नई दिल्ली। वेनेजुएला में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले उत्तर प्रदेश के देवरिया निवासी 33 वर्षीय भारतीय नाविक राकेश चौहान की मौत अब गंभीर विवाद का विषय बन गई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि भारत पहुंचने के बाद दोबारा कराए गए शव परीक्षण में उनके शरीर से मस्तिष्क, हृदय, फेफड़े, यकृत, गुर्दे सहित कई महत्वपूर्ण अंग गायब पाए गए। इस मामले ने नाविकों की सुरक्षा और विदेशों में कार्यरत भारतीय नागरिकों के अधिकारों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया (एफएसयूआई) के अनुसार, दोबारा किए गए परीक्षण में शव पर एक कान से दूसरे कान तक 22 टांके मिले। परिवार का दावा है कि शरीर से तिल्ली, अग्न्याशय, आंतें, पित्ताशय, थायरॉयड ग्रंथि, स्वरयंत्र और श्वास नली सहित कई अन्य अंग भी अनुपस्थित थे। परिजनों का कहना है कि उन्हें इस संबंध में पहले कोई जानकारी नहीं दी गई थी।

राकेश चौहान ने नवंबर 2025 में मर्चेंट नेवी में मरीन फिटर के रूप में कार्यभार संभाला था और वेनेजुएला में तैनात थे। परिवार के अनुसार, 7 मई को कंपनी ने सूचना दी कि जहाज पर गिरने से उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। अगले दिन उनकी हालत नाजुक बताई गई और उसी शाम मौत की सूचना दे दी गई। कंपनी ने दावा किया कि गिरने के बाद उपचार के दौरान हृदयाघात से उनकी मृत्यु हुई।

भारत लाए गए शव का प्रारंभिक परीक्षण किया गया, लेकिन पोस्टमार्टम नहीं हुआ क्योंकि बताया गया कि वेनेजुएला में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। बाद में देवरिया जिला प्रशासन के निर्देश पर दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें परिजनों के अनुसार कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। उनका कहना है कि शरीर से विसरा भी नहीं मिला, जिससे फोरेंसिक जांच प्रभावित हुई।

राकेश की पत्नी रंजना सिंह ने आरोप लगाया कि उनके पति की सुनियोजित हत्या कर अंग निकाले गए हैं। उन्होंने निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, बीमा राशि का शीघ्र भुगतान तथा परिवार के भरण-पोषण के लिए सरकारी नौकरी देने की मांग की है। उनका कहना है कि छह माह के पुत्र और बीमार ससुर की जिम्मेदारी अब पूरी तरह उन पर है।

एफएसयूआई ने भी मामले की स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए सवाल उठाया है कि परिवार की अनुमति के बिना शव से महत्वपूर्ण अंग क्यों निकाले गए। यूनियन ने यह भी आरोप लगाया कि शव प्राप्ति संबंधी दस्तावेजों में पत्नी का नाम गलत दर्ज किया गया और नियुक्ति पत्र में दर्ज जहाज तथा वास्तविक तैनाती वाले जहाज में भी अंतर पाया गया। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई और उचित आर्थिक मुआवजे की मांग की है।

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