सोनीपत क्राइम: सोनीपत में घेवर विक्रेताओं पर छापेमारी, 13 नमूने सील, 28 किलो घेवर नष्ट
सोनीपत: घेवर को मिट्टी में दबाते हुए कर्मचारी।
सोनीपत, अजीत कुमार। सोनीपत के बाजार में घेवर की बढ़ती मांग के बीच खाद्य सुरक्षा विभाग ने गुरुवार को गोहाना रोड और आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न घेवर विक्रेताओं तथा मित्र मंडलियों पर व्यापक जांच अभियान चलाया। इस दौरान विभागीय टीम ने देसी घी, मावा और घेवर के 13 नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए सील किया, जबकि खराब गुणवत्ता और अस्वच्छ परिस्थितियों में रखे गए लगभग 28 किलो घेवर को मौके पर ही नष्ट कर जमीन में दबवा दिया गया।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. बीरेंद्र यादव के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य बाजार में बिक रहे घेवर की गुणवत्ता की जांच करना और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना था। विभाग की टीम ने सबसे पहले कोर्ट रोड स्थित हनुमान मंदिर के निकट संचालित एक घेवर विक्रेता की दुकान से नमूने लिए। इसके बाद गोहाना रोड और बड़वासनी क्षेत्र में संचालित विभिन्न मित्र मंडलियों और अस्थायी स्टॉलों का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर घेवर और अन्य खाद्य सामग्री के आसपास बड़ी संख्या में मक्खियां पाई गईं। साथ ही साफ-सफाई की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। ऐसे में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर दो दुकानों से लगभग 28 किलो घेवर को खाने योग्य नहीं मानते हुए मौके पर ही नष्ट कराया गया।
डॉ. बीरेंद्र यादव ने बताया कि अधिकांश विक्रेता अपने बोर्ड पर शुद्ध देसी घी से निर्मित घेवर लिखकर ग्राहकों को आकर्षित करते हैं। विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि उपभोक्ताओं को वही गुणवत्ता मिले, जिसका दावा विक्रेता कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट, भ्रामक दावे और अस्वच्छ परिस्थितियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सभी नमूनों को अधिकृत प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज दिया गया है और लगभग 14 दिनों में रिपोर्ट आने की उम्मीद है। यदि किसी नमूने की गुणवत्ता निर्धारित मानकों से कम पाई गई तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्वास्थ्य के लिए हानिकारक सामग्री मिलने पर संबंधित मामले को न्यायालय में भेजकर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
