कामयाबी के कदम: थाईलैंड से स्वदेश पहुंचे पदक विजेताओं का दिल्ली एयरपोर्ट पर स्वागत
सोनीपत: थाईलैंड से स्वदेश पहुंचने पर दिल्ली एयरपोर्ट पर पदक विजेताओं का स्वागत।
सोनीपत, अजीत कुमार। थाईलैंड के बैंकॉक स्थित नेशनल स्टेडियम में 31 जुलाई से दो अगस्त तक आयोजित 9वीं हीरो कप अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में यामिन ताइक्वांडो इंडिया स्पोर्ट्स इंडिया के तीन खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर भारत का झंडा ऊंचा किया।
यामिन ताइक्वांडो इंडिया स्पोर्ट्स के अंतरराष्ट्रीय कोच सागर ने बताया कि सीनियर वर्ग के स्पीड किक इवेंट में मनजोत सिंह उत्तर प्रदेश अनमोल उत्तराखंड ने रजत पदक जबकि नितिन हरियाणा ने कांस्य पदक हासिल किया। इन युवा खिलाड़ियों ने अपने खेल कौशल से न सिर्फ अकादमी बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया। प्रतियोगिता में भाग लेने के बाद विजेता खिलाड़ी स्वदेश लौटे तो इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, दिल्ली पर उनका भव्य स्वागत किया गया। खिलाड़ियों के अभिभावक, कोच और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी हवाई अड्डे पर मौजूद रहे। अकादमी के चेयरमैन सुरेन्द्र सरोंहा, जितेंद्र मलिक, मर्गनेदर राठी, ताइक्वांडो कोच सागर, जगदीप सराहा, वाशु तथा अन्य अभिभावकों ने खिलाड़ियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया और उनकी सफलता पर गर्व व्यक्त किया।

गन्नौर निवासी अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडों कोच एवं बॉलीवुड की एक्शन डायरेक्टर यामिनी ने कहा कि इन नौजवान खिलाड़ियों का भविष्य अत्यंत उज्ज्वल है। आने वाले समय में देश को इन चमकते सितारों से बड़ी उम्मीदें हैं। उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि निरंतर अभ्यास और सही मार्गदर्शन से ये खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और ऊंचाइयां हासिल कर सकते हैं।
यह सफलता यामिन ताइक्वांडो अकादमी के कठोर प्रशिक्षण और कोचिंग स्टाफ के प्रयासों का परिणाम है। समालखा जैसे छोटे कस्बे में देश के विभिन्न राज्यों के स्टार खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदक जीतना स्थानीय युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहे हैं। अकादमी के अधिकारियों ने कहा कि खिलाड़ियों को आगे और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि वे और ऊंचे लक्ष्यों को हासिल कर सकें। इस उपलब्धि से न सिर्फ खिलाड़ियों बल्कि पूरे क्षेत्र में खेल के प्रति उत्साह बढ़ा है। अभिभावकों ने भी अकादमी और कोचों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने बच्चों को सही दिशा दी। स्थानीय खेल प्रेमियों का मानना है कि ऐसी सफलताएं ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगी।
