नीट परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था पर प्रियंका गांधी का सवाल: कोटा में छात्रों से संवाद के बाद बढ़ी बहस
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा
नई दिल्ली, जीजेडी न्यूज। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने देश की प्रतियोगी परीक्षा व्यवस्था और छात्रों पर बढ़ते आर्थिक व मानसिक दबाव को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि हर वर्ष नीट (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) देने वाले लगभग 22 लाख छात्रों और उनके परिवारों से विभिन्न तैयारियों, कोचिंग तथा अन्य खर्चों के माध्यम से करीब 1.32 लाख करोड़ रुपये खर्च कराए जाते हैं, जो देश के शिक्षा बजट के लगभग बराबर है।
प्रियंका गांधी ने सामाजिक माध्यम मंच ‘एक्स’ पर जारी अपने संदेश में कहा कि छात्रों और उनके परिवारों पर पड़ने वाला यह आर्थिक बोझ गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बड़े उद्योगपतियों के लाखों करोड़ रुपये के ऋण माफ किए गए हैं, जबकि शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा।
कोटा में राहुल गांधी ने छात्रों से की चर्चा
यह बयान कांग्रेस नेता राहुल गांधी के राजस्थान के कोटा में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद सामने आया। कार्यक्रम में राहुल गांधी ने छात्रों से संवाद करते हुए कहा कि देश की वर्तमान शिक्षा व्यवस्था विद्यार्थियों पर अत्यधिक दबाव डाल रही है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान लाखों छात्र मानसिक तनाव का सामना करते हैं और इस स्थिति में सुधार की आवश्यकता है।
राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा पास करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों का समग्र विकास होना चाहिए। उन्होंने छात्रों से खुलकर अपनी समस्याएं साझा करने का आह्वान भी किया।
नीट पुनर्परीक्षा के लिए नई व्यवस्था
इस बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा के प्रवेश पत्र डाउनलोड करने की प्रक्रिया में बदलाव किया है। अब अभ्यर्थी बैंक खाते का सत्यापन पूरा किए बिना भी अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि बैंक विवरण बाद में जमा करने पर भी परीक्षा शुल्क वापसी की पात्रता प्रभावित नहीं होगी।
21 जून को होगी पुनर्परीक्षा
एनटीए के अनुसार नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजकर 15 मिनट तक चलेगी। अभ्यर्थियों को प्रशासनिक प्रक्रियाओं के लिए अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा।
गौरतलब है कि तीन मई को आयोजित नीट परीक्षा प्रश्नपत्र लीक और अनियमितताओं के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई थी। इसके बाद जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और समीक्षा के आधार पर पुनर्परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया। देशभर के लाखों अभ्यर्थी अब इस परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि इसी के माध्यम से चिकित्सा और दंत चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश का मार्ग प्रशस्त होता है।
