July 23, 2026

पेपर लीक पर सियासत तेज: फास्ट ट्रैक कोर्ट के ऐलान पर राहुल गांधी का सरकार पर हमला

Politics heats up over paper leak: Rahul Gandhi attacks government over fast-track court announcement.

नई दिल्ली। देशभर में नीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के कथित पेपर लीक मामलों को लेकर जारी राजनीतिक घमासान के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का बड़ा ऐलान किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक के मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों का गठन किया जाएगा, ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके और युवाओं का भरोसा कायम रहे।

प्रधानमंत्री के इस ऐलान के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि यह कदम शिक्षा व्यवस्था की विफलताओं को छिपाने का प्रयास है। राहुल गांधी का आरोप है कि लगातार हो रहे पेपर लीक ने करोड़ों विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित किया है और सरकार इस संकट को रोकने में असफल रही है।

इससे पहले राहुल गांधी ने नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि पिछले वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने से लगभग 7.5 करोड़ विद्यार्थी और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि अनेक मामलों में अब तक किसी भी दोषी को प्रभावी सजा नहीं मिली है।

प्रेस वार्ता के दौरान राहुल गांधी ने कुछ वीडियो और प्रस्तुतीकरण भी साझा किए। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बल प्रयोग किया। हालांकि, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन के इस्तेमाल जैसे आरोपों से इनकार किया है।

राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर तीन प्रमुख मांगें भी रखीं। उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, छात्रों पर कथित बल प्रयोग की निष्पक्ष जांच तथा प्रधानमंत्री से छात्रों के प्रति सार्वजनिक माफी की मांग की।

उधर, केंद्र सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं। सरकार का दावा है कि पेपर लीक जैसे मामलों पर सख्त कानून और फास्ट ट्रैक अदालतों के माध्यम से दोषियों को शीघ्र दंड दिलाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

अब इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी के साथ-साथ छात्रों और अभिभावकों की नजर सरकार की आगामी कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया पर भी टिकी हुई है।

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