महाराष्ट्र में फिर सियासी हलचल: उद्धव ठाकरे को लग सकता है बड़ा झटका, छह सांसदों के शिंदे खेमे में जाने की चर्चा
टीएमसी के टूट के बीच महाराष्ट्र में खेला की चर्चा।
मुंबई। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर उभरे असंतोष के बीच महाराष्ट्र की राजनीति में भी नए सियासी समीकरणों की चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में अटकलें लगाई जा रही हैं कि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) को जल्द बड़ा झटका लग सकता है। चर्चा है कि पार्टी के नौ लोकसभा सांसदों में से करीब छह सांसद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दामन थाम सकते हैं। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार महाराष्ट्र में लंबे समय से चर्चा में रहा “ऑपरेशन टाइगर” मानसून सत्र से पहले आकार ले सकता है। यदि ऐसा होता है तो लोकसभा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की ताकत और बढ़ जाएगी। माना जा रहा है कि इससे केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का संख्याबल मजबूत होगा और महत्वपूर्ण विधायी प्रस्तावों को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
जानकारों का मानना है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में महायुति गठबंधन की बड़ी जीत के बाद से ही इस तरह की संभावनाओं पर चर्चा शुरू हो गई थी। दल-बदल कानून से बचने के लिए शिवसेना यूबीटी के कम से कम दो-तिहाई सांसदों का एक साथ किसी अन्य दल में विलय आवश्यक होगा। इसी वजह से छह सांसदों के एक साथ शिंदे गुट में जाने की चर्चा राजनीतिक हलकों में जोर पकड़ रही है।
उधर, एक बार पार्टी में बड़ी बगावत झेल चुके उद्धव ठाकरे अपने सांसदों को एकजुट रखने की कोशिश में जुटे बताए जा रहे हैं। हाल ही में इंडिया गठबंधन की बैठक में उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे और संजय राउत ऑनलाइन शामिल हुए थे, जिसके बाद राजनीतिक चर्चाओं को और बल मिला।
विश्लेषकों के अनुसार सांसदों के संभावित रुख के पीछे विकास कार्यों के लिए केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग की आवश्यकता, शिंदे गुट की बढ़ती संगठनात्मक ताकत तथा भविष्य की राजनीतिक संभावनाएं प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। फिलहाल सभी निगाहें आगामी मानसून सत्र और महाराष्ट्र की बदलती राजनीतिक गतिविधियों पर टिकी हैं।
