June 17, 2026

मानसून की रफ्तार पड़ी धीमी: देश के 40 प्रतिशत हिस्सों में बारिश की कमी; कई राज्यों को अब भी इंतजार

Monsoon pace slows down; rainfall deficit in 40 percent of the country; several states still waiting.

मानसून की रफ्तार पड़ी धीमी।

नई दिल्ली, जीजेडी न्यूज। देशभर में मानसून की प्रगति फिलहाल धीमी पड़ गई है, जिससे कई राज्यों में बारिश का इंतजार बढ़ गया है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार देश के लगभग 40 प्रतिशत हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। उपग्रह चित्रों में मध्य और पश्चिमी भारत के बड़े क्षेत्रों से बादल लगभग गायब दिखाई दे रहे हैं, जिससे मानसून की आगे बढ़ने की गति प्रभावित हुई है।

17 जून को उपग्रह द्वारा ली गई तस्वीरों में महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक के अधिकांश हिस्सों का आसमान साफ दिखाई दिया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में मजबूत निम्न दबाव क्षेत्र विकसित नहीं होने के कारण मानसूनी हवाओं को अपेक्षित मजबूती नहीं मिल पाई है।

केरल में 4 जून को प्रवेश करने के बाद मानसून 13 दिनों में 19 राज्यों तक पहुंच चुका है, लेकिन इसकी प्रगति अब धीमी हो गई है। तेलंगाना के भद्राचलम क्षेत्र में मानसून पिछले सात दिनों से लगभग स्थिर बना हुआ है। इसके कारण छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में अच्छी बारिश का इंतजार लंबा हो गया है।

मौसम विभाग ने 18 और 19 जून को पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में वर्षा की संभावना जताई है। बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। वहीं असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है। राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार जेट स्ट्रीम के मौजूदा स्वरूप के कमजोर होने पर मानसून को गति मिल सकती है। अगले चार से पांच दिनों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में मानसून के आगे बढ़ने के अनुकूल परिस्थितियां बनने की उम्मीद है।

मौसम विभाग का मानना है कि यदि बंगाल की खाड़ी में नया निम्न दबाव क्षेत्र विकसित होता है तो मानसून एक बार फिर तेजी पकड़ सकता है और देश के शेष हिस्सों में अच्छी वर्षा का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।

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