June 25, 2026

वेनेजुएला में भूकंप का भीषण कहर: धरती नाव की तरह डोली, इमारतें ढहीं, हजारों मौतों की आशंका

Massive earthquake wreaks havoc in Venezuela: ground swayed like a boat, buildings collapsed, fears of thousands of deaths.

वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के भूकंप के बाद कई इमारतें जमींदोज हो गई है।

कराकास। दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला की राजधानी कराकास में आए भीषण भूकंप ने भारी तबाही मचा दी है। भूकंप के तेज झटकों से पूरा शहर कांप उठा और लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धरती इस तरह डोल रही थी मानो समुद्र में कोई नाव लहरों पर झूल रही हो। कई इमारतों को गंभीर नुकसान पहुंचा है, जबकि कुछ भवन पूरी तरह धराशायी हो गए।

कराकास के एक बहुमंजिला भवन की नौवीं मंजिल पर रहने वाले मैनुएल ग्वेवारा बारो ने इस भयावह अनुभव को याद करते हुए बताया कि उन्होंने अपने जीवन में इतना डरावना भूकंप कभी नहीं देखा। उन्होंने कहा कि वे उस समय पुस्तक पढ़ रहे थे, तभी अचानक तेज झटके महसूस हुए। स्थिति इतनी भयावह थी कि खड़ा रहना तक मुश्किल हो गया। बिजली आपूर्ति ठप हो गई, पानी की पाइपलाइनें फट गईं और इमारतों के गलियारों में पानी भर गया।

भूकंप के बाद लोग जान बचाने के लिए सीढ़ियों से नीचे भागे। कई लोग रोते हुए दिखाई दिए, जबकि कुछ लोगों की हालत सदमे के कारण बिगड़ गई। सोशल मीडिया पर सामने आए कई वीडियो में ऊंची इमारतों से पानी गिरते और भवनों को हिलते हुए देखा जा सकता है। इन दृश्यों ने लोगों के मन में भय और चिंता और बढ़ा दी है।

प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार इस आपदा में कई लोगों की जान गई है, हालांकि मृतकों की आधिकारिक संख्या अभी जारी नहीं की गई है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि प्रभावित क्षेत्रों में जनहानि का आंकड़ा काफी बड़ा हो सकता है। राहत एवं बचाव दल लगातार मलबे में फंसे लोगों को निकालने के प्रयास में जुटे हुए हैं।

वेनेजुएला के इतिहास में वर्ष 1967 का भूकंप सबसे विनाशकारी माना जाता था, जिसमें दो सौ से अधिक लोगों की मृत्यु हुई थी और हजारों लोग घायल हुए थे। लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों और विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार का भूकंप उससे भी अधिक भयावह साबित हो सकता है।

भूकंप के बाद पूरे कराकास में दहशत का माहौल है। लोग अपने घरों से बाहर खुले स्थानों पर शरण लिए हुए हैं और लगातार आने वाले झटकों के कारण भयभीत हैं। राहत एजेंसियां और प्रशासन प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने में जुटे हुए हैं। प्रकृति की इस भीषण आपदा ने एक बार फिर मानव जीवन की असुरक्षा को उजागर कर दिया है।

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