June 17, 2026

उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका: शिवसेना के छह सांसदों की बगावत की चर्चा, शिंदे गुट में विलय की अटकलें तेज

Major setback for Uddhav Thackeray! Talk of rebellion by six Shiv Sena MPs; speculation intensifies regarding a merger with the Shinde faction. Gjd News

शिवसेना के छह सांसदों की बगावत की चर्चा, शिंदे गुट में विलय की अटकलें तेज।

मुंबई/नई दिल्ली। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) को बड़ा झटका लगने की खबरें सामने आ रही हैं। सूत्रों के अनुसार पार्टी के नौ लोकसभा सांसदों में से छह सांसदों ने बगावत करते हुए एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट में शामिल होने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भेजकर शिंदे गुट में विलय की इच्छा जताई है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक लोकसभा अध्यक्ष कार्यालय अथवा संबंधित सांसदों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

बागी सांसदों में नागेश पाटिल आष्टीकर और संजय दीना पाटिल के नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि संजय दीना पाटिल ने बुधवार सुबह ही पार्टी छोड़ने की खबरों का खंडन किया था। इसके बावजूद राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर जारी है।

इस घटनाक्रम के बीच शिवसेना (उद्धव गुट) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने दिल्ली में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान बागी सांसदों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बगावत करने वाले नेताओं को बेईमान बताते हुए कहा कि विश्वासघात उनकी राजनीति का हिस्सा बन चुका है। बाद में राउत ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि मराठी भाषा में ऐसे शब्द सामान्य बोलचाल का हिस्सा हैं।

गौरतलब है कि पिछले चार वर्षों में शिवसेना में यह दूसरी बड़ी टूट मानी जा रही है। इससे पहले जून 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में 39 विधायकों ने बगावत कर अलग गुट बना लिया था, जिसके बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव आया था।

वहीं, पिछले कुछ महीनों में विपक्षी दलों में भी टूट की घटनाएं देखने को मिली हैं। आम आदमी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के कई सांसदों के पाला बदलने की चर्चाएं राजनीतिक माहौल को और गर्म कर रही हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि शिवसेना (उद्धव गुट) के छह सांसदों के अलग होने की खबर सही साबित होती है, तो यह महाराष्ट्र की राजनीति में एक और बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।

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