तृणमूल कांग्रेस में बढ़ा आंतरिक संकट: कोषाध्यक्ष ने पार्टी का बैंक खाता फ्रीज करने की मांग की
कोषाध्यक्ष अरूप विश्वास।
कोलकाता, जीजेडी न्यूज। पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस में बढ़ते आंतरिक विवाद के बीच पार्टी के कोषाध्यक्ष अरूप विश्वास ने एक बड़ा कदम उठाते हुए एचडीएफसी बैंक की सेंट्रल प्लाजा शाखा को पत्र लिखकर पार्टी के बैंक खाते को अस्थायी रूप से फ्रीज करने की मांग की है। उन्होंने बैंक से अनुरोध किया है कि जब तक पार्टी के भीतर चल रहे विवादों का समाधान नहीं हो जाता, तब तक खाते से किसी भी प्रकार का वित्तीय लेन-देन न होने दिया जाए।
अरूप विश्वास ने अपने पत्र में कहा है कि पार्टी के भीतर इस समय गंभीर राजनीतिक और संगठनात्मक अस्थिरता का माहौल बना हुआ है। कई सांसदों के पार्टी छोड़ने और कुछ विधायकों द्वारा विद्रोह का रुख अपनाने के कारण संगठन में नेतृत्व और अधिकार को लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि पार्टी के वित्तीय मामलों का संचालन किसके अधिकार क्षेत्र में रहेगा।
उन्होंने यह भी आशंका व्यक्त की है कि उनके हस्ताक्षर वाले कुछ बैंक चेकों का दुरुपयोग किया जा सकता है, जिससे पार्टी को आर्थिक और कानूनी नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसी कारण उन्होंने बैंक से सभी प्रकार के लेन-देन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अरूप विश्वास के इस कदम से तृणमूल कांग्रेस की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। लोकसभा चुनाव के बाद पार्टी में लगातार असंतोष और गुटबाजी की खबरें सामने आ रही हैं। ऐसे समय में पार्टी के वित्तीय संसाधनों को लेकर उत्पन्न यह नया विवाद नेतृत्व के लिए चुनौती बन सकता है।
इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि क्या अरूप विश्वास ने यह कदम मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी की सहमति से उठाया है या फिर यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है।
उधर, एक अन्य विवाद में पूर्व खेल मंत्री अरूप विश्वास का नाम सामने आने के बाद मामला न्यायालय तक पहुंच गया है। संबंधित पक्ष द्वारा उच्च न्यायालय की खंडपीठ का दरवाजा खटखटाया गया है और इस सप्ताह मामले की सुनवाई होने की संभावना जताई जा रही है।
