कांग्रेस उम्मीदवार कमल दीवान: सोनीपत मेयर चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा
सोनीपत में कमल दीवान ने मेयर चुनाव लड़ने से इनकार किया है।
सोनीपत, अजीत कुमार। सोनीपत में मेयर चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के घोषित उम्मीदवार कमल दीवान ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। इस फैसले के पीछे पार्टी के भीतर चल रही गुटबाज़ी, पार्षद टिकटों को लेकर विवाद और पिछले उपचुनाव की नाराज़गी को वजह माना जा रहा है।
एक दिन पहले ही राव नरेंद्र, दीपेंद्र हुड्डा और सतपाल ब्रह्मचारी की मौजूदगी में एडीसी कार्यालय पहुँचकर कमल दीवान ने नामांकन दाखिल किया था। लेकिन अचानक लिए गए इस फैसले ने पार्टी को असमंजस में डाल दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, कमल दीवान पिछले मेयर उपचुनाव की हार को अब तक नहीं भूल पाए हैं। उस चुनाव में उन्हें करीब 35,766 वोटों से हार मिली थी। उस समय भी उन्होंने पार्टी के कुछ नेताओं और पार्षदों पर भीतरघात के आरोप लगाए थे। अब उन्हीं चेहरों को दोबारा टिकट दिए जाने की चर्चा से वे नाराज़ बताए जा रहे हैं।
पार्षद टिकटों को लेकर विवाद इस बार मुख्य कारण बनकर सामने आया है। बताया जा रहा है कि सुरेंद्र पवार के करीबी माने जाने वाले कुछ लोगों को टिकट देने की बात से दीवान असहमत हैं। वे उन लोगों का विरोध कर रहे हैं जिन पर पहले भी पार्टी विरोधी काम करने के आरोप लगे थे।
सूत्रों के अनुसार, कमल दीवान ने फिलहाल फोन बंद कर लिया है और किसी से संपर्क में नहीं हैं। परिवार से चर्चा के बाद उन्हें अंबाला बुलाया गया है, जहाँ वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक होगी। इसी बैठक में आगे की रणनीति और उनके चुनाव लड़ने को लेकर अंतिम फैसला हो सकता है।
अब यह मामला पार्टी नेतृत्व के लिए चुनौती बन गया है। एक तरफ उम्मीदवार को मनाना है, दूसरी तरफ संगठन में एकजुटता बनाए रखना है। अंबाला की बैठक को इस पूरे घटनाक्रम में अहम मोड़ माना जा रहा है।
