June 13, 2026

किशोर स्वर्ण: रक्तदान से बचती हैं जिंदगियां, आगे आएं और निभाएं मानव धर्म

Blood donation saves lives; come forward and fulfill your humanitarian duty – Kishore Swarn

मथुरा, किशोर स्वर्ण। आपका दान किया रक्त किसी की जिंदगी बचाएगा, सचमुच आपका यही काम पुण्य कहलाएगा। मानवता के हित में नेक काम कीजिए, पास के रक्तदान शिविर में भाग लीजिऐ।  उक्त आह्वान रक्तदान अभियान मंच (राम) के संस्थापक संयोजक किशोर “स्वर्ण” ने किया है। वह 14 जून विश्व रक्तदाता दिवस के उपलक्ष में रक्तदान हेतु जागरूकता फैला रहे है। उन्होंने शनिवार को कदम्ब विहार तथा टाउनशिप स्थित ग्लोबल पॉइंट पर लोगों को रक्तदान के लिए जागरूक किया।

उन्होंने कहा कि हर दान से बढ़कर श्रेष्ठ है रक्तदान, क्योंकि जब हम अपना रक्त दान करते हैं, तब हम जीवन से संघर्ष करने वाले एक पीड़ित इंसान की जान बचाते हैं। इसलिए रक्तदान करके किसी के चेहरे पर मुस्कान लाने का नेक काम जरूर करें।

किशोर “स्वर्ण” ने कहा कि दधीची ने देवों को बचाने के लिए अपनी हड्डियों का दान कर दिया था। शिवि ने कबूतर को बचाने के लिए अपनी जांघ का मांस दान कर दिया था। भामाशाह ने देश को बचाने के लिए अपना सर्वस्व दान कर दिया था। देश की सीमा पर जांबाज जवान हमें सुरक्षित रखने को सिर्फ अपना खून ही नहीं बहाते, बल्कि अपने प्राण तक कुर्बान कर देते है, तो क्या हम किसी की जान बचाने के लिए अपना एक यूनिट रक्त भी दान नहीं कर सकते। आओं रक्तदान करके हम अपना फर्ज निभाए।

रक्तदान से नहीं होती कई बीमारियां
किशोर “स्वर्ण” ने कहा कि 14 जून को रक्तदाता दिवस है। आप रक्तदान जरूर करें। रक्तदान से बेहतर रक्त का कोई विकल्प नही, इसलिए रक्तदान हेतु आगे आये, क्योंकि रक्तदान से कोई नुकसान नही होता। रक्तदान करने वाला कई बीमारियों से भी बच जाता है। उन्होंने कहा कि जैसे धर्म स्थलों पर जाने से आत्म शांति मिलती है, ऐसे ही रक्तदान से आत्मिक आनंद की अनुभूति होती है। रक्तदान मानव धर्म है।

14 साल से चला रहे है अभियान
मथुरा में रक्तदान के प्रेरक के रूप में प्रसिद्ध उत्साही युवा किशोर “स्वर्ण” ने 14 वर्ष पूर्व “रक्तदान अभियान मंच” (राम) बनाकर रक्तदान की अलख जगाई। मथुरा में रक्तदान जागरूकता रैली निकालने का श्रेय किशोर “स्वर्ण” को ही जाता है, उनकी प्रेरणा से अब तक तीन हजार से ज्यादा लोग रक्तदान कर चुके है, इसके लिए उन्हें कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है।

किशोर “स्वर्ण” ने बताया कि उन्हें यह प्रेरणा निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी महाराज से मिली, वह कहा करते थे “रक्त नालियों में नहीं, नाड़ियों (रगों) में बहे” । बाबा हरदेव जी का कहना था कि रक्तदान से अनजाने लोगों से खून का रिश्ता जुड़ता हैं।

आजकल “राम” संयोजक किशोर “स्वर्ण” विभिन्न स्थानों पर “रक्तदान अभियान मंच का नारा है, रक्तदान करना फर्ज हमारा है” , “करें रक्तदान-दें जीवनदान” आदि स्लोगन लिखे पर्चे बांट लोगों को रक्तदान की प्रेरणा दे रहे है।

समाजसेवी धर्मेंद्र बघेल ने रक्तदान के प्रेरक “राम” संयोजक किशोर “स्वर्ण” के उत्साह की प्रशंसा करते हुए रक्तदान को हर किसी के लिए आवश्यक बताया। वहीं शिक्षाविद विपिन शर्मा ने कहा कि रक्तदान महादान है। सचमुच किशोर स्वर्ण बहुत पुण्य का काम कर रहे है।

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