तमिलनाडु चुनाव विवाद: चुनाव प्रचार में बच्चों के इस्तेमाल के आरोपों पर सुनवाई; हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
क्या TVK ने वोट मांगने के लिए बच्चों का इस्तेमाल किया (AI द्वारा जनरेटेड फोटो)
चेन्नई, जीजेडी न्यूज। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान मतदाताओं को कथित रूप से धन बांटने और बच्चों का राजनीतिक प्रभाव के लिए इस्तेमाल करने के आरोपों को लेकर मद्रास हाईकोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है। अदालत ने इस मामले में भारतीय चुनाव आयोग, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके), अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) और तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
यह मामला कडलूर जिले के भुवनगिरि निवासी अधिवक्ता वासुकी द्वारा दायर जनहित याचिका के माध्यम से अदालत के समक्ष लाया गया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान डीएमके और एआईएडीएमके से जुड़े लोगों ने मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए धन का वितरण किया। वहीं अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके के कार्यकर्ताओं पर बच्चों को अपने माता-पिता को पार्टी के पक्ष में मतदान करने के लिए प्रेरित करने का आरोप लगाया गया है।
याचिकाकर्ता ने अदालत से इन आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने का निर्देश देने की मांग की है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति जी.आर. स्वामीनाथन और न्यायमूर्ति वी. लक्ष्मी नारायणन की खंडपीठ के समक्ष हुई।
सुनवाई के दौरान टीवीके की ओर से पेश वकील ने तर्क दिया कि याचिका केवल समाचार रिपोर्टों के आधार पर दायर की गई है। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद आदर्श आचार संहिता स्वतः समाप्त हो जाती है और चुनाव संबंधी किसी भी विवाद के लिए चुनाव याचिका ही उचित कानूनी उपाय है।
डीएमके की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि बच्चों को चुनाव प्रचार में शामिल करने का कोई आरोप उनकी पार्टी के खिलाफ नहीं है। वहीं धन वितरण संबंधी आरोपों के मामले में संबंधित विजयी उम्मीदवारों को भी पक्षकार बनाया जाना चाहिए।
चुनाव आयोग की ओर से अदालत में उपस्थित वकील ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। इसके बाद हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग, डीएमके, एआईएडीएमके और टीवीके को नोटिस जारी कर विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 1 जुलाई तक स्थगित कर दी है। यह मामला अब तमिलनाडु की राजनीति में चुनावी आचरण और प्रचार के तौर-तरीकों को लेकर नई बहस को जन्म दे सकता है।
