April 8, 2026

सोनीपत: फिजियोलॉजिकल मॉनिटरिंग महत्वपूर्ण है:डॉ. नेहा कक्कड़

Sonepat Physiological monitoring is important Dr. Neha Kakkar

सोनीपत: डा. नेहा कक्कड़ को स्मृति चिह्न भेंट करते हुए कुलपति अशोक कुमार।

  • खेल प्रदर्शन सुधार हेतु खेल विज्ञान कार्यशाला आयोजित  

सोनीपत, अजीत कुमार। हरियाणा खेल विश्वविद्यालय, राई में उच्च प्रदर्शन में अनुप्रयुक्त खेल शरीर क्रिया विज्ञान विषय पर बुधवार को एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।  कार्यशाला का उद्देश्य खिलाड़ियों के प्रदर्शन सुधार हेतु खेल विज्ञान के सिद्धांतों को व्यावहारिक रूप में समझाना तथा मैदान स्तर पर लागू करने की जानकारी देना रहा।

मुख्य वक्ता डॉ. नेहा कक्कड़ ने कहा कि प्रयोगशाला अवधारणाओं से लेकर क्षेत्र अनुप्रयोग तक खेल प्रदर्शन में फिजियोलॉजिकल मॉनिटरिंग महत्वपूर्ण है। सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक अनुप्रयोग के बीच अंतर को पाटने की जानकारी की आवश्यकता है।

पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से शरीर विज्ञान की मूल अवधारणाओं, प्रयोगशाला परीक्षण, फील्ड परीक्षण, वीओ टू, मैक्स, एनारोबिक क्षमता, सबमैक्सिमल अनुकूलन, रिकवरी रिस्पॉन्स, लैक्टेट थ्रेशोल्ड तथा हार्ट रेट मॉनिटरिंग जैसे विषय सरल भाषा में समझाए गए। खिलाड़ियों और कोच के लिए इन वैज्ञानिक मापदंडों को नियमित प्रशिक्षण का भाग बनाने पर बल दिया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने अपने प्रश्न रखे। सभी प्रश्नों का संतोषजनक समाधान प्रस्तुत किया गया।

कुलपति अशोक कुमार ने मुख्य वक्ता को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और कहा कि डा. नेहा कक्कड़ सोनीपत स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण के उत्तरी क्षेत्रीय केंद्र में हाई परफॉर्मेन्स विश्लेषक (फिजियोलॉजी) के रूप में कार्यरत हैं। उनके अनुभव से खिलाड़ियों को नई दिशा मिलेगी। फिजियोलॉजी का मूलभूत ज्ञान खिलाड़ियों के प्रदर्शन आकलन और सुधार का आधार है। लैक्टिक एसिड, वीओ टू , मैक्स जैसे सिद्धांत प्रशिक्षण में उल्लेखनीय परिवर्तन लाते हैं। अलग-अलग खेलों में विभिन्न कारक जिम्मेदार होते हैं, इसलिए इनकी जानकारी खिलाड़ी और कोच दोनों के लिए जरुरी है। वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेन्स की सहायता से स्व-मूल्यांकन भी संभव हो गया है। कार्यशाला में डीन शारीरिक शिक्षा एवं खेल योगेश चंद्र, डीन स्पोर्ट्स साइंस विवेक कुमार सिंह, वरिष्ठ सलाहकार खेल आर.पी. गर्ग सहित शिक्षण और कोचिंग स्टाफ उपस्थित रहा। आयोजन का समन्वय डॉ. गोपाल ने किया।

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