April 3, 2026

सोनीपत: दृष्टिकोण बदलने से सोच बदलेगी, सोच बदलने से परिणाम बदलेंगे: डॉ. रमाशंकर

Sonipat Changing the perspective will change the thinking, changing the thinking will change the results Dr. Ramashankar

सोनीपत: डॉ. रमाशंकर यादव को सम्मनित करते हुए कुलपति अशोक कुमार।

  • खेल प्रबंधन कार्यशाला में सकारात्मक दृष्टिकोण पर विशेष जोर

सोनीपत, अजीत कुमार। हरियाणा खेल विश्वविद्यालय, राई में शुक्रवार को खेल प्रबंधन तथा संगठनात्मक व्यवहार विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन हुआ। इसमें आईआईएम रोहतक के सहायक प्रोफेसर डॉ. रमाशंकर यादव विशेषज्ञ के रूप में शामिल हुए। कार्यशाला की शुरुआत वर्ष 1953 की चर्चित लघु चलचित्र आई ऑफ द बिहोल्डर के प्रदर्शन से हुई। मध्यांतर दृश्य दिखाने के बाद विद्यार्थियों से उनकी सोच पूछी गई। विद्यार्थियों ने अलग-अलग उत्तर दिए, जिनसे अंत में यह संदेश मिला कि दृष्टिकोण बदलने से सोच बदलती है, सोच बदलने से परिणाम बदलते हैं ।

डॉ. यादव ने अपने संबोधन में कहा कि खेलों का भविष्य अत्यंत उज्ज्वल है और हर खिलाड़ी को इसमें अपना स्थान सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने जीवन और खेल दोनों में निष्पक्ष दृष्टिकोण अपनाने, नकारात्मक सोच वाले लोगों से दूरी बनाने तथा स्मार्ट लक्ष्य तय करने पर बल दिया। उन्होंने सरल उदाहरणों और दैनिक जीवन के प्रसंगों से समझाया कि जिंदगी खराब हो सकती है-घंटों रील में और एक बेकार-सी फील में। उन्होंने कहा कि छोटा लक्ष्य बड़ा अपराध है, इसलिए लक्ष्य हमेशा बड़ा रखना चाहिए। साथ ही उन्होंने कई प्रबंधन तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की। कार्यशाला का केंद्र खिलाड़ियों की विभिन्न परिस्थितियों के प्रति धारणा और उचित प्रतिक्रिया विकसित करना रहा।

कुलपति अशोक कुमार ने कहा कि खेल जीवन हो या सामान्य जीवन, प्रबंधन कौशल अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि किसी भी पाठ्यक्रम में अध्ययनरत हों, प्रबंधन कौशल अवश्य सीखें। उन्होंने बताया कि 20 से 40 वर्ष की आयु खेल जीवन का स्वर्णिम समय होती है, इसलिए प्राथमिकताओं और संघर्षों का चयन सोच-समझकर करें। विश्वविद्यालय भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित करता रहेगा।

कार्यशाला में विभिन्न पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों ने उत्साह से भाग लिया। इस अवसर पर डीन शारीरिक शिक्षा एवं खेल योगेश चंदर, डीन खेल विज्ञान विवेक कुमार सिंह, वरिष्ठ खेल सलाहकार राजेंद्र प्रसाद गर्ग, खेल प्रबंधन डिप्लोमा प्रभारी नीरज कुमार सहित शिक्षण एवं कोचिंग स्टाफ उपस्थित रहा। अंत में विशेषज्ञ को स्मृति-चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

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