सोनीपत: विश्व पर्यावरण दिवस पर सोनीपत में पौधारोपण और संरक्षण का संदेश
सोनीपत: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पुलिस आयुक्त ममता सिंह को पौधा भेंट करते हुए।
सोनीपत, अजीत कुमार। सोनीपत में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वन विभाग और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में लघु सचिवालय परिसर में शुक्रवार को पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश जगजीत सिंह, पुलिस आयुक्त ममता सिंह, नगर निगम आयुक्त हर्षित कुमार, सीजेएम प्रचेता सिंह और डीएफओ रेनू बाला ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और पर्यावरण प्रेमी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में अधिकारियों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए और लोगों से पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, भूजल स्तर में गिरावट और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन के कारण पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश जगजीत सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। वृक्ष जीवनदायिनी ऑक्सीजन प्रदान करते हैं और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने नागरिकों से पौधे लगाने के साथ उनकी देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
पुलिस आयुक्त ममता सिंह ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव पूरी दुनिया महसूस कर रही है और इसका समाधान सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। उन्होंने युवाओं से पर्यावरण संरक्षण अभियानों से जुड़ने और दूसरों को भी जागरूक करने का आह्वान किया।
नगर निगम आयुक्त हर्षित कुमार ने कहा कि स्वच्छ और हरित वातावरण बेहतर स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। नगर निगम शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाने, पार्कों के विकास और पौधारोपण कार्यक्रमों को निरंतर बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने यमुना नदी को स्वस्थ बनाने के प्रयासों का भी उल्लेख किया और पर्यावरण संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।
डीएफओ रेनू बाला ने बताया कि वन विभाग जिलेभर में व्यापक पौधारोपण अभियान चला रहा है, जिसमें शिक्षण संस्थानों, सरकारी कार्यालयों, पंचायतों और सामाजिक संगठनों को जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पौधे लगाने के बाद उनकी नियमित देखभाल भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने का संकल्प लिया तथा प्लास्टिक का उपयोग कम करने, जल और ऊर्जा बचाने और अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया गया।
