मंत्री कृष्ण लाल पंवार: सोनीपत में पहुंची पहली हाइड्रोजन ट्रेन ने हरित परिवहन को नई गति दी
सोनीपत: देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन से संचालित ट्रेन के सोनीपत रेलवे स्टेशन स्वागत करते हुए मंत्री कृष्ण लाल पंवार
- 2010 पात्र लाभार्थियों को हैप्पी कार्ड वितरित किए गए
सोनीपत, अजीत कुमार। देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन से संचालित ट्रेन के सोनीपत रेलवे स्टेशन पहुंचने पर उत्साह का माहौल लोगों में भरपूर जोश रहा। शुक्रवार को विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने तालियों और भारत माता के जयघोष के साथ ट्रेन का स्वागत किया। विद्यार्थियों ने भी इस विशेष यात्रा का अनुभव साझा करते हुए कहा कि सोनीपत पहुंची पहली हाइड्रोजन ट्रेन ने हरित परिवहन को नई गति दी है इसे यादगार लम्हा रहेगा।

कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत स्वच्छ और हरित परिवहन के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने बताया कि जींद से सोनीपत के बीच संचालित यह अत्याधुनिक हाइड्रोजन ट्रेन फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित है। इसमें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रक्रिया से बिजली तैयार होती है। इस तकनीक से प्रदूषण नहीं होता और केवल जलवाष्प का उत्सर्जन होता है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1853 में भारत में पहली रेल चली थी और अब वर्ष 2026 में हरियाणा की धरती से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन तकनीकी विकास और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में विधायक निखिल मदान, देवेंद्र कादियान, कृष्णा गहलावत, पूर्व मंत्री कविता जैन और मेयर राजीव जैन, देवेंद्र कौशिक ने भी हाइड्रोजन ट्रेन को स्वच्छ ऊर्जा, आधुनिक तकनीक और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम बताया। इस दौरान 2010 पात्र लाभार्थियों को हैप्पी कार्ड वितरित किए गए तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से नए घरों की चाबियां सौंपी गईं।

जिला प्रशासन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में उपायुक्त नेहा सिंह के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारी इलेक्ट्रिक बसों से रेलवे स्टेशन पहुंचे। उपायुक्त ने कहा कि हरियाणा से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन पूरे प्रदेश और विशेष रूप से सोनीपत के लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन कार्बन उत्सर्जन कम करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए लगातार हरित पहल कर रहा है। अधिकारियों का इलेक्ट्रिक बसों से कार्यक्रम में पहुंचना भी इसी अभियान का हिस्सा है।
उपायुक्त ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन भविष्य में पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक रूप से भी लाभदायक साबित होगा। उन्होंने युवाओं से वैज्ञानिक सोच, नवाचार और खोज आधारित तकनीकी विकास के क्षेत्र में आगे बढ़ने तथा नागरिकों से सार्वजनिक परिवहन और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन ट्रेन जैसी परियोजनाएं विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई मजबूती देंगी।
