एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का शेयर 6.85% प्रीमियम पर सूचीबद्ध: निवेशकों के लिए अब क्या हैं संभावनाएं?
नई दिल्ली। देश की अग्रणी परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड के शेयरों ने शेयर बाजार में सकारात्मक शुरुआत की। कंपनी का शेयर अपने निर्गम मूल्य 574 रुपये के मुकाबले 613.30 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ, जो लगभग 6.85 प्रतिशत का प्रीमियम है। सूचीबद्ध होने के साथ ही कंपनी का बाजार पूंजीकरण बढ़कर लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। हालांकि सूचीबद्ध होने का प्रदर्शन अच्छा रहा, लेकिन यह निवेशकों की भारी मांग के मुकाबले अपेक्षाकृत संतुलित माना जा रहा है।
कंपनी के प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम में शेयर का मूल्य दायरा 545 से 574 रुपये प्रति शेयर निर्धारित किया गया था। निर्गम मूल्य पर कंपनी का मूल्य-आय अनुपात 38.12 गुना था, जो सूचीबद्ध होने के बाद बढ़कर 40.72 गुना हो गया। यह अभी भी इस क्षेत्र की सूचीबद्ध कंपनियों के औसत 41.64 गुना मूल्य-आय अनुपात से थोड़ा कम है, जिससे विशेषज्ञ कंपनी के मौजूदा मूल्यांकन को संतुलित मान रहे हैं।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों ने कंपनी की मजबूत स्थिति और विश्वसनीय कारोबार को महत्व दिया है, लेकिन अत्यधिक प्रीमियम नहीं दिया। इसका कारण परिसंपत्ति प्रबंधन उद्योग में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, निष्क्रिय निवेश योजनाओं का विस्तार और नियामकीय बदलावों से शुल्क पर पड़ने वाला दबाव भी माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अल्पकालिक निवेशकों को तेज मुनाफे की संभावना सीमित रह सकती है, जबकि मध्यम और दीर्घकालिक निवेशकों के लिए कंपनी बेहतर विकल्प साबित हो सकती है। भविष्य में कंपनी की प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियों में वृद्धि, आय और लाभ में लगातार बढ़ोतरी, प्रमुख म्यूचुअल फंड योजनाओं का प्रदर्शन तथा उद्योग से जुड़े नियामकीय बदलाव शेयर की दिशा तय करेंगे।
विश्लेषकों का कहना है कि कंपनी की दीर्घकालिक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह अपने वितरण नेटवर्क का प्रभावी उपयोग करते हुए प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियों में निरंतर वृद्धि कर पाती है या नहीं। यदि कंपनी उद्योग की चुनौतियों के बीच लाभप्रदता बनाए रखने में सफल रहती है, तो निवेशकों को लंबे समय में बेहतर प्रतिफल मिलने की संभावना बनी रहेगी।
