September 29, 2026

सोनीपत: हर्षित ने स्वर्ण जीता, निखिल ने कांस्य पदक हासिल किया

Sonipat: Harshit won gold, Nikhil secured a bronze medal.

सोनीपत: हरियाणा राज्य कराटे प्रतियोगिता विजेताओं का स्वागत करते हुए।

सोनीपत, अजीत कुमार। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र में 25 से 27 सितंबर तक आयोजित 25वीं हरियाणा राज्य कराटे प्रतियोगिता में प्रताप स्कूल, खरखौदा के खिलाड़ियों ने दो पदक हासिल किए। विजेताओं का सोमवार को स्कूल परिसर में स्वागत किया गया। हर्षित ने 16 वर्ष से कम आयु वर्ग के 70 किलोग्राम से अधिक भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। वहीं निखिल दहिया ने 18 वर्ष से कम आयु वर्ग के 76 किलोग्राम से अधिक भार वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया। स्वर्ण पदक जीतने के साथ हर्षित का चयन आगामी राष्ट्रीय स्तर की कराटे प्रतियोगिता के लिए हुआ है। वह राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हरियाणा का प्रतिनिधित्व करेगा।

प्रतियोगिता में प्रताप स्कूल की ओर से निखिल दहिया, शुभम, हर्षित, कार्तिक धनिया, अमोल खत्री, समिकेश मान, आशीष सैनी और दक्ष ने अलग-अलग आयु एवं भार वर्गों में भाग लिया। हर्षित ने 70 किलोग्राम से अधिक, निखिल दहिया ने 76 किलोग्राम से अधिक, शुभम ने 61 से 68 किलोग्राम, कार्तिक धनिया ने 55 किलोग्राम से अधिक, अमोल खत्री ने 50 से 55 किलोग्राम, समिकेश मान ने 40 से 45 किलोग्राम, आशीष सैनी ने 35 किलोग्राम तथा दक्ष ने 25 से 30 किलोग्राम भार वर्ग में हिस्सा लिया।

विद्यालय पहुंचने पर पदक विजेता खिलाड़ियों का प्रबंधन, प्रधानाचार्या दया दहिया, अकादमिक निदेशक डॉ. सुबोध दहिया और कराटे प्रशिक्षक जगमेंदर पांचाल ने स्वागत किया। प्रधानाचार्या दया दहिया ने कहा कि विद्यालय में पढ़ाई के साथ खेलों और कौशल विकास पर भी ध्यान दिया जाता है। खेल विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना विकसित करते हैं।

सोमवार को डॉ. सुबोध दहिया ने कहा कि खेल विद्यार्थियों को मेहनत और अनुशासन के साथ चुनौतियों का सामना करना सिखाते हैं। उन्होंने कहा कि कराटे से आत्मरक्षा के साथ आत्मविश्वास, एकाग्रता और निर्णय लेने की क्षमता भी बढ़ती है।

विद्यालय प्रबंधन ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता खिलाड़ियों की मेहनत, प्रशिक्षक के मार्गदर्शन और विद्यालय के प्रोत्साहन का परिणाम है। पदक विजेता खिलाड़ियों ने सफलता का श्रेय स्कूल प्रबंधन, माता-पिता, प्रशिक्षक और अपनी मेहनत को दिया।

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