June 23, 2026

राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होते ही जॉर्ज कुरियन ने दिया इस्तीफा: भाजपा में दक्षिण भारत को लेकर नई चर्चाएं तेज

George Kurian resigned immediately upon the conclusion of his Rajya Sabha term; fresh discussions regarding South India have intensified within the BJP. Gjd News

जॉर्ज कुरियन ने 9 जून 2024 को राष्ट्रपति भवन में मोदी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में केंद्रीय मंत्री पद की शपथ ली थी।

नई दिल्ली। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य तथा मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति भवन द्वारा मंगलवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। हालांकि इस्तीफे के पीछे की आधिकारिक वजह सार्वजनिक नहीं की गई है।

65 वर्षीय जॉर्ज कुरियन मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत थे। वे अगस्त 2024 से मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद थे, लेकिन 21 जून 2026 को उनका राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो गया। भारतीय जनता पार्टी ने हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में उन्हें दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया, जिसके बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं।

केरल भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाने वाले कुरियन लंबे समय से पार्टी के ईसाई समुदाय से जुड़े प्रमुख चेहरे रहे हैं। वे सीरो-मालाबार कैथोलिक चर्च से संबंध रखते हैं और केरल में भाजपा की अल्पसंख्यक पहुंच बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के केरल दौरों के दौरान वे उनके भाषणों का मलयालम भाषा में अनुवाद भी करते रहे हैं।

वर्ष 2024 में मोदी सरकार में उनकी नियुक्ति को भाजपा की केरल में ईसाई समुदाय के बीच राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा गया था। हालांकि मई 2026 में हुए केरल विधानसभा चुनावों में भाजपा को अपेक्षित सफलता नहीं मिली और पार्टी 140 सदस्यीय विधानसभा में केवल तीन सीटें जीत सकी।

हाल ही में संपन्न राज्यसभा चुनावों में भाजपा ने कुरियन और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को पुनः उम्मीदवार नहीं बनाया था। इसके बाद से केंद्र सरकार में संभावित मंत्रिमंडलीय फेरबदल की चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में लगातार बनी हुई हैं।

गौरतलब है कि जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे से पहले दक्षिण भारत में भाजपा को एक और बड़ा राजनीतिक झटका लगा था। तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी के. अन्नामलाई ने भी पार्टी छोड़कर नया राजनीतिक आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। ऐसे में दक्षिण भारत में भाजपा की रणनीति और संगठनात्मक बदलावों पर राजनीतिक विश्लेषकों की नजरें टिकी हुई हैं।

जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब भाजपा आगामी चुनावी चुनौतियों और दक्षिण भारत में अपने विस्तार की नई रणनीति पर काम कर रही है। राजनीतिक जानकार इसे केवल एक सामान्य इस्तीफा नहीं, बल्कि भाजपा के भविष्य के संगठनात्मक और चुनावी समीकरणों से जोड़कर देख रहे हैं।

 

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