तमिलनाडु: मुख्यमंत्री विजय की चुनावी जीत को अदालत में चुनौती, बच्चों के इस्तेमाल का आरोप
मुख्यमंत्री विजय।
तमिलनाडु। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की विधानसभा चुनाव में मिली जीत को लेकर मद्रास उच्च न्यायालय में चुनाव याचिकाएं दायर की गई हैं। द्रविड़ मुनेत्र कषगम के उम्मीदवार आर. डी. शेखर और एस. इनिगो इरुदयराज, जो क्रमशः पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव हार गए थे, ने आरोप लगाया है कि चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों से अपने परिवार के वयस्क सदस्यों को उनकी पार्टी के पक्ष में मतदान करने की भावनात्मक अपील की, जो चुनावी आचार संहिता और लोकतांत्रिक मूल्यों की भावना के विपरीत है।
याचिकाकर्ताओं ने न्यायालय में चुनाव प्रचार का एक वीडियो भी प्रस्तुत किया है। उनका कहना है कि बच्चों को पार्टी के दुपट्टे पहनाकर तथा प्रचार सामग्री हाथ में देकर चुनाव अभियान में शामिल किया गया। उनका दावा है कि यह भारतीय निर्वाचन आयोग के उस निर्देश का उल्लंघन है, जिसमें चुनाव प्रचार और रैलियों में बच्चों के उपयोग पर रोक लगाई गई है।
मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति वी. लक्ष्मीनारायणन ने मुख्यमंत्री को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिकाकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने चुनावी खर्च का पूरा विवरण प्रस्तुत नहीं किया और अपनी संपत्ति, देनदारियों तथा आयकर बकाया संबंधी जानकारी में भी कथित विसंगतियां रखीं। उनके अनुसार चुनाव प्रचार के लिए तैयार कराए गए पार्टी गीतों और अन्य प्रचार सामग्री पर हुए खर्च का उल्लेख भी चुनावी विवरण में नहीं किया गया।
याचिकाओं में यह आरोप भी लगाया गया है कि मुख्यमंत्री ने चुनाव प्रचार के दौरान एक धार्मिक स्थल पर राजनीतिक गतिविधियां संचालित कीं, जो आदर्श आचार संहिता के विरुद्ध है। याचिकाकर्ताओं ने न्यायालय से मुख्यमंत्री की चुनावी जीत को निरस्त करने तथा संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों से स्वयं को निर्वाचित घोषित करने की मांग की है। फिलहाल मामले की सुनवाई जारी है और अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा सुनाया जाएगा।
