सोनीपत खबर: सोनीपत में जर्जर मकान की छत गिरी, मलबे में दबकर दो महिलाओं की मौत
सोनीपत: महमुदपुर में बरसात से गिरा जर्जहाल मकान इनसेट में मृतक सुनील रानी व बिमला के फाइल फोटो
सोनीपत, अजीत कुमार। सोनीपत जिले के गोहाना क्षेत्र के गांव महमूदपुर में लगातार हो रही बारिश के बीच जर्जर मकान की छत गिरने से जेठानी और देवरानी की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा बुधवार तड़के हुआ, जब दोनों महिलाएं पुराने मकान के एक कमरे में चारपाई पर सो रही थीं। छत के साथ मिट्टी, ईंटें और लकड़ी के भारी शहतीर उनके ऊपर गिर गए, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतकों की पहचान 55 वर्षीय बिमला और 52 वर्षीय सुनील रानी के रूप में हुई है। दोनों मंगलवार रात भोजन करने के बाद पुराने मकान में सोने चली गई थीं। लगातार बारिश के कारण मकान पहले से कमजोर हो चुका था। आधी रात के बाद अचानक पूरी छत भरभराकर गिर गई। हादसे के समय परिवार के अन्य सदस्यों को इसकी भनक तक नहीं लगी।
सुबह करीब साढ़े चार बजे जब परिवार के सदस्य दोनों महिलाओं को चाय देने पहुंचे तो कमरे की छत गिरी हुई मिली। दोनों महिलाएं मलबे के नीचे दबी थीं। यह दृश्य देखकर परिवार में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और कस्सी, फावड़े तथा अन्य साधनों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद दोनों के शव बाहर निकाले गए।
ग्रामीणों ने बताया कि लगातार हो रही बारिश से पुराने मकान की दीवारें और मिट्टी की छत कमजोर हो गई थीं। इसी कारण यह हादसा हुआ। उन्होंने बताया कि बिमला और सुनील रानी के बीच बेहद आत्मीय रिश्ता था। दोनों अक्सर साथ रहतीं और अधिकतर एक ही कमरे में सोती थीं। बिमला की कोई संतान नहीं थी। ऐसे में सुनील रानी ने अपना बेटा दीपक उन्हें गोद दे दिया था। इसके बाद दोनों परिवारों का रिश्ता और भी मजबूत हो गया। जीवनभर सुख-दुख में साथ रहने वाली दोनों महिलाओं की एक साथ मौत से पूरे गांव में शोक की लहर है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जरूरी कार्रवाई करते हुए दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए खानपुर मेडिकल कॉलेज भेज दिया। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मामला जर्जर मकान की छत गिरने से हुए हादसे का सामने आया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
