महंगाई के बीच प्याज फिर रुलाएगी: सरकारी खरीद मूल्य बढ़ने से कीमतों में उछाल की आशंका
प्याज की कीमतों में शनिवार से होगा इजाफा।
नई दिल्ली, जीजेडी न्यूज। देशभर में बढ़ती महंगाई के बीच आम लोगों को एक और झटका लगने की आशंका है। रसोई का अहम हिस्सा मानी जाने वाली प्याज की कीमतों में जल्द बढ़ोतरी हो सकती है। केंद्र सरकार ने किसानों से प्याज खरीदने के लिए निर्धारित मूल्य में वृद्धि करने का फैसला किया है, जिसके बाद बाजार में प्याज के दाम बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इससे पहले ही खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों का मासिक बजट प्रभावित कर रखा है।
सरकार ने अपने बफर स्टॉक कार्यक्रम के तहत किसानों से प्याज खरीदने का मूल्य 15.80 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़ाकर 16.50 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया है। नई दरें शनिवार से प्रभावी हो गई हैं। सरकार का कहना है कि यह निर्णय किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
हालांकि, प्याज उत्पादक किसानों का एक वर्ग इस बढ़ोतरी से संतुष्ट नहीं है। विशेष रूप से महाराष्ट्र के किसानों का कहना है कि बीज, उर्वरक, सिंचाई और मजदूरी जैसी कृषि लागतों में लगातार वृद्धि हुई है। ऐसे में वर्तमान खरीद मूल्य उनकी लागत की तुलना में काफी कम है। किसानों की मांग है कि सरकार प्याज की खरीद कम से कम 30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से करे, ताकि उन्हें उचित लाभ मिल सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी खरीद मूल्य बढ़ने का असर आने वाले दिनों में खुदरा बाजार पर भी दिखाई दे सकता है। यदि व्यापारियों और थोक बाजारों में खरीद लागत बढ़ती है तो इसका सीधा प्रभाव उपभोक्ताओं पर पड़ेगा और प्याज महंगी हो सकती है।
उधर, हाल के महीनों में खाद्य महंगाई भी बढ़ी है। मई माह के आंकड़ों के अनुसार टमाटर की कीमतों में लगभग 48 प्रतिशत तथा अदरक की कीमतों में 32 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। ऐसे में प्याज की संभावित महंगाई आम उपभोक्ताओं की चिंता और बढ़ा सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर लगातार नजर बनाए रखना आवश्यक होगा, ताकि महंगाई का दबाव नियंत्रित किया जा सके।
