मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा: हैरिटेज वॉक हमारी संस्कृति और इतिहास से जुड़ने का माध्यम
सोनीपत: विरासत एवं सिटी वॉक मज्ञैके पर मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, विधायक पवन खरखौदा व ओएसडी वीरेंद्र बड़खालसा।
- हेरिटेज एंड सिटी वॉक के दौरान विधायक पवन खरखौदा व ओएसडी वीरेंद्र बड़खालसा भी रहे मौजूद
सोनीपत, अजीत कुमार। हरियाणा पर्यटन निगम की ओर से शनिवार को विरासत एवं सिटी वॉक का आयोजन किया गया। यह यात्रा एथनिक इंडिया, राई से शुरू होकर ऐतिहासिक बड़खालसा मेमोरियल तक पहुंची। कार्यक्रम में हरियाणा के पर्यटन एवं विरासत मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा मुख्य अतिथि रहे। बड़ी संख्या में युवाओं, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और नागरिकों ने भाग लिया।
आओ चलें अपनी विरासत के साथ अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और पर्यटकों को प्रदेश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों से जोड़ना रहा। डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि विरासत केवल पुराने भवनों और स्मारकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपराओं और पहचान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि नियमित पैदल चलना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है और जब यह अपनी ऐतिहासिक धरोहरों से जुड़ जाए तो इसका महत्व और बढ़ जाता है। उन्होंने युवाओं से अपनी विरासत को जानने, समझने और उसके संरक्षण में योगदान देने का आह्वान किया।
खरखौदा विधायक पवन खरखौदा ने कहा कि हरियाणा की धरती गौरवशाली इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिपूर्ण है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपने इतिहास और महान व्यक्तित्वों के बारे में जानने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि विरासत स्थलों का संरक्षण केवल सरकार नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

ओएसडी विरेंद्र बड़खालसा ने कहा कि बड़खालसा मेमोरियल जैसे ऐतिहासिक स्थल प्रदेश की अमूल्य धरोहर हैं। ऐसे कार्यक्रम लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ समाज में सांस्कृतिक चेतना को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विरासत संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। यात्रा के समापन पर प्रतिभागियों को बड़खालसा मेमोरियल के इतिहास की जानकारी दी गई। बताया गया कि वर्ष 1675 में जब गुरु तेग बहादुर का पावन शीश दिल्ली से आनंदपुर साहिब ले जाया जा रहा था, तब मुगल सेना उसका पीछा कर रही थी। उस समय बड़खालसा गांव के वीर दादा कुशाल सिंह दहिया ने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए अपना शीश बलिदान कर दिया था, जिससे गुरु तेग बहादुर का पावन शीश सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य तक पहुंच सका। उनका बलिदान भारतीय इतिहास में अद्वितीय माना जाता है।
डॉ. अरविंद शर्मा ने दादा कुशाल सिंह दहिया की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि उनका बलिदान भारतीय इतिहास का गौरवशाली अध्याय है। ऐसे महान वीरों के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष अशोक नरवाल, जिला महामंत्री तरुण देवीदास, मंडल अध्यक्ष वेदपाल शास्त्री, शेखर अंतिल, विकास कौशिक, मंजीत सिंह, अजीत सिंह, बड़खालसा सरपंच राकेश, कुलविंदर, अनिल शर्मा, प्रदीप भारद्वाज, राज सिंह, हरियाणा पर्यटन निगम के बिजेंद्र शर्मा सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
