सोनीपत: शुगर मिल में कच्चे कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन तेज
सोनीपत: शुगर मिल कच्चे कर्मचारी रोष प्रदर्शन करते हुए।
सोनीपत, अजीत कुमार। सोनीपत की शुगर मिल में कच्चे कर्मचारियों को हटाने के मामले में विरोध प्रदर्शन शनिवार को तेज हो गया। गांव आना जींद स्थित कैथल शुगर मिल बंद होने के बाद वहां के लगभग 80 पक्के कर्मचारियों को सोनीपत शुगर मिल में समायोजित कर दिया गया, जबकि ठेकेदार के माध्यम से लगे कच्चे कर्मचारियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इस निर्णय के विरोध में जिला पार्षद संजय बड़वासनिया ने कर्मचारियों के साथ सिर पर गन्ने की फसल रखकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान कहा गया कि कच्चे कर्म्चारियों के साथ शोषण हो रहा है। जब मिल प्रबंधन को जरूरत होती है तब ठेकेदार के माध्यम से भर्ती कर ली जाती है और जरूरत खत्म होते ही बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। इसे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ठेका प्रथा युवाओं के लिए गुलामी का प्रतीक बनती जा रही है और इससे कई परिवार आर्थिक संकट में आ गए हैं।
बताया गया कि फरवरी माह का वेतन तैयार हो चुका है तथा मार्च माह का वेतन तैयार किया जा रहा है। वेतन सूची में चार नाम मेल नहीं खाने के कारण भुगतान रोक दिया गया था। अब उन चार व्यक्तियों का वेतन रोककर बाकी कर्म्चारियों का भुगतान किया जाएगा। मिल की एचडी बदलने के कारण वेतन वितरण में दो दिन की देरी हुई है। नई एचडी के कार्यभार संभालते ही मंगलवार को वेतन जारी होने की बात कही गई। प्रदर्शन में संदीप, कुलदीप, राजेश और जोगिंदर ने भी संबोधन दिया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा और प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग जारी रहेगी।
