September 14, 2026

सोनीपत: निजी कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण अनिवार्य, नियमों का पालन जरूरी

Sonipat Registration of private coaching institutes mandatory; compliance with rules essential.

सोनीपत: अतिरिक्त उपायुक्त अजय चोपड़ा निर्देश देते हुए।

  • हरियाणा प्राइवेट कोचिंग इंस्टीट्यूट्स रूल्स, 2026 के तहत लागू होंगे प्रावधान
  • जिला शिक्षा अधिकारी होंगे नोडल अधिकारी, पंजीकरण के लिए देनी होगी 10 हजार रुपये फीस

सोनीपत, अजीत कुमार। अतिरिक्त उपायुक्त अजय चोपड़ा ने सोमवार को कहा कि जिले में संचालित सभी निजी कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण अनिवार्य है। हरियाणा सरकार ने निजी कोचिंग संस्थानों के संचालन को व्यवस्थित, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए नियम अधिसूचित किए हैं। उन्होंने अधिकारियों को जिले में चल रहे सभी कोचिंग सेंटरों की जानकारी जुटाकर उनका पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया को इस कार्य के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया है। वे संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर पंजीकरण प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। मौजूदा और नए कोचिंग संस्थानों को निर्धारित पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा। पंजीकरण के लिए 10 हजार रुपये शुल्क ऑनलाइन जमा करना होगा। जांच के बाद पंजीकरण प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा, जिसकी वैधता तीन वर्ष होगी। समाप्ति से कम से कम एक माह पहले नवीनीकरण के लिए आवेदन करना होगा। इसके लिए पांच हजार रुपये शुल्क निर्धारित है।

आवेदन के साथ संस्थान को पाठ्यक्रम, उसकी अवधि, फीस, प्रत्येक बैच में विद्यार्थियों की अधिकतम संख्या, कक्षाओं की क्षमता तथा शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यता व विवरण देना होगा। संस्थान में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी भी देनी होगी।

नियमों के तहत पर्याप्त प्रकाश, स्वच्छ पेयजल, छात्र-छात्राओं के लिए अलग शौचालय, अग्नि सुरक्षा, प्राथमिक उपचार, पार्किंग और पुस्तकालय या रीडिंग रूम जैसी सुविधाएं जरूरी हैं। भवन के स्वामित्व या किराये की जानकारी के साथ फायर सेफ्टी और स्ट्रक्चरल सेफ्टी प्रमाण-पत्र भी देने होंगे।

अजय चोपड़ा ने कोचिंग सेंटर संचालकों से समय पर पंजीकरण कराने और नियमों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इन नियमों का उद्देश्य विद्यार्थियों की सुरक्षा, पारदर्शिता और बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना है। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया, रेंजर फॉरेस्ट ऑफिसर नरेश कुमार सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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