August 12, 2026

सोनीपत: हरियाणा खेल विश्वविद्यालय में 766 नए दाखिलों के साथ देश में दूसरे नंबर पर

Sonipat: Haryana Sports University ranks second in the country with 766 new admissions.

सोनीपत: कुलपति अशोक कुमार ।

 सोनीपत, अजीत कुमार। हरियाणा खेल विश्वविद्यालय, राई में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विभिन्न पाठ्यक्रमों में 766 नए विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों की कुल संख्या बढ़कर 1,029 हो गई है। इसके साथ ही यह देश में दूसरे नंबर पर आ गया है। यह जानकारी विश्वविद्यालय के कुलपति अशोक कुमार ने बुधवार को दी।

विश्वविद्यालय में पहले से विभिन्न पाठ्यक्रमों में 263 विद्यार्थी अध्ययनरत थे। इस वर्ष प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद 766 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया। इनमें खेल प्रशिक्षण में स्नातकोत्तर डिप्लोमा में 443, ओलंपिक डिप्लोमा में 61, बीपीईएस में 157, बीएससी में 74, एमएससी में 16 और एमपीईएस में 15 विद्यार्थी शामिल हैं।

कुलपति अशोक कुमार ने बताया कि विभिन्न पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की बढ़ती रुचि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और खेल संबंधी पहचान को मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि खेल शिक्षा, खेल विज्ञान और शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने वाले संस्थानों की जरूरत लगातार बढ़ रही है। देश में करीब 15 विश्वविद्यालय ऐसे हैं, जो विशेष रूप से शारीरिक शिक्षा और खेल के क्षेत्र में शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। इनमें केंद्र सरकार के अधीन ग्वालियर स्थित लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान और मणिपुर स्थित राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय के अलावा हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों के संस्थान शामिल हैं।

कुलपति के अनुसार विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर हरियाणा खेल विश्वविद्यालय इस वर्ष देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। वर्ष 2025-26 तक तमिलनाडु शारीरिक शिक्षा एवं खेल विश्वविद्यालय, चेन्नई में 925 विद्यार्थी अध्ययनरत थे और वह दूसरे स्थान पर था। वहीं वर्ष 1957 से संचालित लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान, ग्वालियर में 1,200 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। कम समय में 1,029 विद्यार्थियों तक पहुंचना विश्वविद्यालय के लिए बड़ी उपलब्धि है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री और डिप्लोमा देना नहीं, बल्कि खेल, शारीरिक शिक्षा, खेल विज्ञान और प्रशिक्षण के क्षेत्र में दक्ष, अनुशासित और रोजगार के लिए तैयार मानव संसाधन तैयार करना है।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में विद्यार्थियों की संख्या के साथ शिक्षा की गुणवत्ता, खेल प्रदर्शन, शोध और नए प्रयोगों पर भी जोर दिया जाएगा। कुलपति ने इस उपलब्धि का श्रेय शिक्षकों, प्रशिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयासों को दिया।

About The Author