October 5, 2026

सोनीपत: एशियन गेम्स रजत विजेता पहलवान नितेश का भव्य स्वागत

Sonipat: Grand welcome for Asian Games silver-medalist wrestler Nitesh.

सोनीपत: एशियन गेम्स में रजत पदक विजेता प्रताप स्कूल के पहलवान नितेश सिवाच करते हुए खेल प्रेमी।

सोनीपत,अजीत कुमार। जापान के आइची-नागोया में आयोजित 20वें एशियन गेम्स में 97 किलोग्राम ग्रीको-रोमन कुश्ती वर्ग में रजत पदक जीतकर इतिहास रचने वाले प्रताप स्कूल के पहलवान नितेश सिवाच का स्वदेश लौटने पर सोमवार को भव्य स्वागत किया गया। उनके साथ 77 किलोग्राम वर्ग में भारतीय कुश्ती टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले स्कूल के पहलवान अमन का भी स्वागत हुआ।

द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता कोच एवं स्कूल के खेल निदेशक ओमप्रकाश दहिया ने बताया कि नितेश का रजत पदक भारतीय ग्रीको-रोमन कुश्ती के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। वर्ष 1962 के बाद 64 वर्ष में पहली बार भारत ने एशियन गेम्स में इस वर्ग में रजत पदक जीता है। नितेश अब तक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में एक स्वर्ण, चार रजत और तीन कांस्य समेत आठ पदक जीत चुके हैं।

नितेश ने प्रताप स्कूल के छात्रावास में रहकर पढ़ाई के साथ कुश्ती प्रशिक्षण शुरू किया था। कोच ओम प्रकाश दहिया और संदीप दलाल समेत प्रशिक्षण दल ने उनके खेल को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। खेल सफर के दौरान घुटने की गंभीर चोट के कारण उन्हें लंबे समय तक कुश्ती से दूर रहना पड़ा। इस दौरान उन्होंने परिवार के दूध व्यवसाय में हाथ बंटाया, लेकिन हिम्मत नहीं छोड़ी और दोबारा प्रशिक्षण शुरू कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। ओम प्रकाश दहिया ने कहा कि चोट और कठिन परिस्थितियों के बावजूद नितेश ने लक्ष्य नहीं छोड़ा। उनकी उपलब्धि नई पीढ़ी के पहलवानों के लिए प्रेरणादायी है।

77 किलोग्राम वर्ग में अमन का भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करना भी स्कूल के लिए बड़ी उपलब्धि रही। स्कूल प्रबंधन के अनुसार, एशियन गेम्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करना गौरव की बात है।

अकादमिक निदेशक डॉ. सुबोध दहिया ने कहा कि स्कूल में शिक्षा और खेल को साथ लेकर चलने पर जोर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य केवल पदक विजेता खिलाड़ी तैयार करना नहीं, बल्कि शिक्षित और अनुशासित खिलाड़ी तैयार करना है। स्कूल के खिलाड़ी अब तक विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 265 पदक जीत चुके हैं और 24 खेलों में प्रशिक्षण दिया जाता है। स्कूल प्रबंधन, प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों ने दोनों पहलवानों को बधाई दी।

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