July 21, 2026

कवि दलीचंद जांगिड़: पक्ष वह विरोधी पक्ष दोनो का आद्दर करे….

Poet Dalichand Jangid: One should respect both sides—one's own and the opposing one...

जीवन में हर किसी को महत्व दें, क्योंकि हर व्यक्ति हमारे जीवन में किसी न किसी उद्देश्य से आता है। जो लोग अच्छे होते है, वे हमारा साथ देकर जीवन को सुखद और सरल बनाते है तथा जो लोग बुरे होते है वे हमें तगड़ा अनुभव दे जाते है वह जीवन यात्रा के बहु मूल्य गुण भी सिखा जाते है, इसलिए गुरू कहते है कि हमें इन दोनो से सिखने की नित्य आवश्यकता होती है। दोनो ही हमारे विकास के लिए आवश्यक हैं…

पंडित सत्यपाल जी वत्स आर्य
पक्ष और विपक्ष दोनो ही हमारी जीवन धारा के दो पथ ही है, इसलिए हमेंं दोनो पक्षों के आदरणीयों का हार्दिक स्वागत ही करते रहना चाहिए।
इसलिए मैं जीवन राह में हमारे सम्पर्क में आने वाले हर व्यक्ती का आद्दर सम्मान करना उचित मानता हूं कारण हमारे हितचिंतक हमारी जीवन धारा के हर कार्य में हमारी मदद करेंगे वे हमारी सुखद जीवन यात्रा (प्रगति पथ के) के भागीदार कहलाएंगे और जो लोग हमारा विरोध करेंगे वे लोग हमारे जीवन यात्रा के शिक्षक ही कहलायेंगे, कारण ये लोग हमारे हर कार्य कारणों का विरोध नहीं करेंगे तो हमें अनुभव, सावधानी और आत्मबल का पाठ पढ़ायेंगे कौन…? तभी तो हमें इनसे खट्टें मिठ्ठें अनुभवों की शिक्षा हासिल होगी वर्ना ये जरुरी ज्ञान (अनुभव) हम कहां से लायेंगे….?

इसीलिए मनुष्य जीवन यात्रा में इन दोनो पक्षों की हमें नित्य जरुरत होगी वह इनका हमारे हर कार्य में हस्तक्षेप करना आवश्यक होता है तभी तो जीवन में सुधार आता है। यह जीवन अष्टपैलू कारणों की अपेक्षा व उपेक्षाओं के ज्ञान से प्रेरित होकर प्रगत हो सकता है वर्ना अज्ञान के अंधेरे में हम भटक जायेंगे…..सबका साथ और कुछ लोगों का विरोध होना ही हमारी जीवन यात्रा के शिक्षक है, इन दोनो पक्षों का हमें आद्दर सम्मान करना चाहिए… तभी सही मायने में हमारा विकास संभव है …
लेखक दलीचंद जांगिड़

जय श्री ब्रह्म ऋषि अंगिरा जी महाराज की
उद्देश्य
वैचारिक क्रांति चरित्र निर्माण सकारात्मकता का महाअभियान के लेखक कवि दलीचंद जांगिड़ सातारा महाराष्ट्र

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