July 5, 2026

सोनीपत: एचटेट की परीक्षा देने दो दिन में नौ हजार से अधिक अभ्यर्थी पहुंचे

Sonipat Over 9,000 candidates arrived over two days to take the HTET exam.

सोनीपत: परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार का दृश्य।

सोनीपत, अजीत कुमार। हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (एचटेट) के दूसरे दिन रविवार को जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर लेवल-दो (टीजीटी) और लेवल-एक (पीआरटी) की परीक्षाएं हुई। लेवल-दो (टीजीटी) परीक्षा में छह हजार 843 और लेवल-एक (पीआरटी) परीक्षा में दो हजार 964 अभ्यर्थी शामिल हुए।

टीजीटी की परीक्षा सुबह दस बजे तथा पीआरटी की परीक्षा दोपहर बाद तीन बजे शुरू हुई। जिला प्रशासन ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण परीक्षा के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। जिले में लगभग 700 पुलिस जवानों के साथ 17 गश्ती दल तैनात किए गए हैं, जो परीक्षा केंद्रों और आसपास के क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखें हुए थे। सभी परीक्षा केंद्र सीसीटीवी कैमरों और जैमर से लैस रहे, ताकि किसी भी तरह की अनुचित गतिविधि रोकी जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले सभी केंद्रों के मुख्य द्वार बंद कर दिए गए। अभ्यर्थियों को समय से पहले केंद्र पर पहुंचने की सलाह दी गई थी। प्रवेश के लिए प्रवेश-पत्र के साथ वैध पहचान पत्र लाना अनिवार्य रहा। रविवार सुबह से ही अभ्यर्थियों का परीक्षा केंद्रों पर पहुंचना शुरू हो गया। सुरक्षा कर्मियों ने जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही अभ्यर्थियों को केंद्रों में प्रवेश दिया।

इससे पहले शनिवार को एचटेट के पहले दिन लेवल-तीन (पीजीटी) की परीक्षा जिले के 13 परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा के लिए पंजीकृत तीन हजार 961 अभ्यर्थियों में से तीन हजार 168 ने परीक्षा दी, जबकि 739 अनुपस्थित रहे। जिले में लगभग 80 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई। निर्धारित समय के बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया गया। सभी केंद्रों पर बायोमीट्रिक सत्यापन, पहचान पत्रों की जांच और सुरक्षा जांच के बाद ही प्रवेश मिला। नकल रोकने के लिए जैमर लगाए गए थे। सुरक्षा नियमों के तहत जूते पहनकर आने वाले अभ्यर्थियों की अलग से जांच की गई। विवाहित महिलाओं को केवल मंगलसूत्र, सिंदूर और बिंदी पहनने की अनुमति थी, जबकि अन्य आभूषण बाहर उतरवाए गए। पुरुष अभ्यर्थियों को भी बेल्ट, अंगूठी और अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं केंद्र के बाहर ही रखनी पड़ीं।

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