सोनीपत: छतेहरा में जैव विविधता संरक्षण पर जागरूकता कार्यक्रम, पर्यावरण बचाने का लिया संकल्प
सोनीपत, अजीत कुमार। जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और सतत विकास का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से गांव छतेहरा में हरियाणा राज्य जैव विविधता बोर्ड, पंचकुला के तत्वावधान में एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जैव विविधता प्रबंधन समिति (बीएमसी) की चेयरमैन मीतू कुमारी ने की। मुख्य वक्ता के रूप में जिला समन्वयक श्यो प्रसाद ने ग्रामीणों को जैव विविधता संरक्षण, टिकाऊ कृषि और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व की विस्तृत जानकारी दी।
श्यो प्रसाद ने कहा कि गांव के जैविक संसाधनों पर सबसे पहला अधिकार स्थानीय समुदाय का है। उन्होंने बताया कि किसी भी कंपनी या व्यक्ति को जैविक संसाधनों का व्यावसायिक उपयोग करने से पहले बीएमसी और राज्य जैव विविधता बोर्ड से अनुमति लेना अनिवार्य है। उन्होंने “लाभ-साझाकरण” की अवधारणा समझाते हुए बताया कि इन संसाधनों से होने वाली आय का एक हिस्सा गांव के जैव विविधता कोष में जमा होगा, जिससे स्थानीय विकास कार्यों को गति मिलेगी।
उन्होंने ग्रामीणों से टिकाऊ कृषि पद्धतियां अपनाने, जैविक खाद का उपयोग बढ़ाने, जल संरक्षण करने तथा मृदा स्वास्थ्य बनाए रखने का आह्वान किया। साथ ही प्रत्येक व्यक्ति से कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने की अपील की। उन्होंने एकल-उपयोग प्लास्टिक का प्रयोग बंद कर कपड़े और जूट के थैले अपनाने का भी संदेश दिया तथा जैव विविधता अधिनियम, 2002 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी साझा की।
कार्यक्रम के अंत में बीएमसी चेयरमैन मीतू कुमारी ने घोषणा की कि पंचायत की ओर से प्रत्येक इच्छुक परिवार को पांच-पांच पौधे निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने सभी से पौधों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया। इस अवसर पर बीएमसी सदस्य ममता, कृष्ण सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे और सभी ने पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया।
