सोनीपत क्राइम: गर्भवतियों की चॉकलेट में कीड़े, घरों तक पहुंची सप्लाई
सोनीपत: चाकलेट में कीड़े दिखाई दे रहे हैं।
सोनीपत, अजीत कुमार। के माध्यम से गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को वितरित की जा रही प्रोटीन मिल्क बार चॉकलेट में कीड़े मिलने का गंभीर मामला सामने आया है। मिल्क बार के पैकेट पर निर्माण तिथि जनवरी 2026 और समाप्ति तिथि 25 अप्रैल अंकित है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया और तत्काल जांच के निर्देश जारी किए गए।
बाल विकास परियोजना अधिकारी ने संबंधित क्षेत्र की आंगनबाड़ी पर्यवेक्षकों को निर्देश दिए कि जिन घरों में यह मिल्क बार वितरित किए गए हैं, वहां जाकर सभी पैकेट खोलकर जांच की जाए। गांव सैदपुर में एक माह के दौरान कुल 276 मिल्क बार वितरित किए गए थे, जिनमें से बची हुई 45 चॉकलेट अलग-अलग घरों से एकत्र कर ली गई हैं। इन नमूनों को प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजा जा रहा है। साथ ही खरखौदा खंड के सभी केंद्रों से भी मिल्क बार वापस मंगवाए गए हैं।
गांव सैदपुर निवासी सुमित के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्र से उनके घर लगभग 10 से 12 मिल्क बार भेजी गई थीं। 12 अप्रैल की शाम उनकी बेटी जब चॉकलेट खा रही थी, तब उसमें कीड़ा चलता हुआ दिखाई दिया। इसके बाद परिवार ने सभी पैकेट खोलकर देखे तो प्रत्येक चॉकलेट में कीड़े पाए गए। परिवार ने सभी खराब चॉकलेट फेंक दीं और विभाग से कार्रवाई की मांग की।
परिवार का आरोप है कि अब तक विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। उन्हें संदेह है कि पुरानी चॉकलेट के रैपर बदलकर तिथि बदली गई हो सकती है। मामले को लेकर लोगों में रोष है और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग उठ रही है।
सीडीपीओ नीलम के अनुसार मिल्क बार की आपूर्ति मुख्यालय स्तर पर निविदा प्रक्रिया के तहत एक कंपनी से की जाती है। 9 मार्च को खरखौदा खंड में 137 बॉक्स पहुंचे थे, जिनमें कुल 78 हजार 912 चॉकलेट शामिल थीं। प्रत्येक बच्चे को मासिक राशन में लगभग 20 ग्राम मिल्क बार दी जाती है। विभाग ने सभी पर्यवेक्षकों को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में राशन उठाने से पहले मौके पर गुणवत्ता जांच अनिवार्य रूप से की जाए और किसी भी कमी की सूचना तीन दिन के भीतर भेजी जाए, ताकि समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
