सोनीपत: मनोवैज्ञानिक उपकरणों पर कार्यशाला में खिलाड़ियों में सुधार पर जोर
सोनीपत: मुख्य विशेषज्ञ सौरभ शर्मा को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित करते हुए प्रो. राजेंद्र प्रसाद गर्ग।
सोनीपत, अजीत कुमार। हरियाणा खेल विश्वविद्यालय, राई में गुरुवार को मनोवैज्ञानिक उपकरणों एवं उनके व्यावहारिक उपयोग विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक मनोवैज्ञानिक तकनीकों और डिजीटल विश्लेषण की उपयोगिता समझाना रहा। कार्यक्रम में विद्यार्थियों और प्रशिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यशाला के मुख्य विशेषज्ञ नोएडा स्थित कांशस माइंड सॉल्यूशंस के सौरभ शर्मा रहे। उन्होंने न्यूरोफीडबैक, बायोफीडबैक और इलेक्ट्रोएन्सेफेलोग्राम (ईईजी) जैसे उपकरणों की विस्तार से जानकारी दी। प्रतिभागियों को इन उपकरणों का व्यावहारिक प्रदर्शन कराया गया, जिससे उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में इनके उपयोग को समझने का अवसर मिला। विद्यार्थियों को उपकरणों के माध्यम से मानसिक एकाग्रता, तनाव नियंत्रण और प्रतिक्रिया क्षमता को मापने की प्रक्रिया भी बताई गई।
कार्यक्रम के दौरान वियना टेस्ट सिस्टम के माध्यम से डेटा रिकॉर्डिंग की प्रक्रिया समझाई गई। विशेषज्ञ ने अल्फा, बीटा और थीटा मस्तिष्क तरंगों का महत्व बताते हुए कहा कि इनका परीक्षण खिलाड़ियों की मानसिक स्थिति और प्रदर्शन क्षमता का वैज्ञानिक मूल्यांकन करने में सहायक होता है। उन्होंने बताया कि नियमित अभ्यास और विश्लेषण से खिलाड़ियों की निर्णय क्षमता, ध्यान और आत्मविश्वास में उल्लेखनीय सुधार संभव है।
अधिष्ठाता (स्पोर्ट्स साइंस) विवेक कुमार सिंह ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं, क्योंकि छात्र जीवन में आधुनिक उपकरणों को सीखने के अवसर सीमित रहते हैं। विश्वविद्यालय निरंतर व्यावहारिक ज्ञान उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
वरिष्ठ खेल सलाहकार राजेंद्र प्रसाद गर्ग ने बताया कि कुलपति अशोक कुमार के प्रयासों से विश्वविद्यालय में इस प्रकार की उपयोगी कार्यशालाओं का आयोजन लगातार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल खिलाड़ियों के वैज्ञानिक प्रशिक्षण को मजबूत बनाएगी। कार्यशाला में अधिष्ठाता (फिजिकल एजुकेशन एवं स्पोर्ट्स) योगेश चंदर, अनु ग्रेवाल सहित शिक्षण एवं कोचिंग स्टाफ उपस्थित रहा। कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ खेल सलाहकार प्रो. राजेंद्र प्रसाद गर्ग द्वारा मुख्य विशेषज्ञ सौरभ शर्मा को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
