सोनीपत: निर्भीक पत्रकारिता से मेयर बनने तक भाजपा नेता राजीव जैन का सफरनामा
सोनीपत: भाजपा के मेयर बनने के राजीव जैन।
- लगातार दूसरी बार जीत से मजबूत हुआ राजीव जैन का कद
सोनीपत, अजीत कुमार। सोनीपत नगर निगम चुनाव में भाजपा उम्मीदवार राजीव जैन ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है। शहर की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय राजीव जैन को आम जनता के बीच लोकप्रिय नेता माना जाता है। उनकी यह जीत केवल चुनावी सफलता नहीं, बल्कि लगभग 40 वर्षों की सामाजिक और राजनीतिक सक्रियता का परिणाम मानी जा रही है। जीत के बाद उन्होंने शहरवासियों और पार्टी के उच्च नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि यह भरोसा उनकी सबसे बड़ी पूंजी है।
राजीव जैन का जन्म 12 फरवरी 1964 को हुआ। उन्होंने बीकॉम तक शिक्षा प्राप्त की और युवावस्था से ही सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हो गए थे। छात्र जीवन में स्नातक के दौरान उन्हें छात्र संघ सचिव बनने का अवसर मिला। यहीं से उनकी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत हुई। वर्ष 1985 में उन्होंने भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के खिलाफ प्रदेशभर में 45 दिनों की पदयात्रा कर जनजागरण अभियान चलाया। इससे उन्हें व्यापक पहचान मिली।

राजनीति के साथ-साथ उन्होंने वर्ष 1986 से 1993 तक हिंदी दैनिक समाचार पत्रों में पत्रकारिता भी की। इस दौरान उन्होंने जन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। वर्ष 1994 में वे हरियाणा विकास पार्टी से जुड़े और प्रदेश प्रेस सचिव तथा बाद में प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी निभाई। वर्ष 1996 से 1999 तक तत्कालीन मुख्यमंत्री बंसीलाल के मीडिया सलाहकार के रूप में भी काम किया।
वर्ष 2000 में उन्होंने हरियाणा विकास पार्टी के टिकट पर सोनीपत विधानसभा चुनाव लड़ा और लगभग 20 फीसदी मत प्राप्त कर तीसरे स्थान पर रहे। वर्ष 2005 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ते हुए उन्हें दूसरा स्थान मिला और करीब 4000 मतों से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि इस चुनाव के बाद उनका नाम शहर में मजबूती से स्थापित हो गया और वे लगातार जनसंपर्क में सक्रिय रहे।
वर्ष 2007 में भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वे प्रदेश मीडिया प्रभारी, प्रदेश उपाध्यक्ष सहित अनेक संगठनात्मक पदों पर सक्रिय रहे। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहरलाल के मीडिया सलाहकार के रूप में भी उन्होंने जिम्मेदारी निभाई। वर्ष 2009 में भाजपा के टिकट पर उनकी पत्नी कविता जैन ने विधानसभा चुनाव जीता। वर्ष 2014 में उन्होंने दोबारा जीत हासिल की और राज्य मंत्रिमंडल में मंत्री बनीं। इन दोनों चुनावों में राजीव जैन की रणनीतिक भूमिका महत्वपूर्ण रही। वर्ष 2019 में हार के बाद भी वे लगातार जनता के बीच सक्रिय रहे।

वर्ष 2024 में उन्होंने स्वयं चुनाव लड़ने की इच्छा जताई, लेकिन टिकट न मिलने पर शहरवासियों के आग्रह पर निर्दलीय नामांकन दाखिल किया। बाद में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आश्वासन के बाद उन्होंने नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद लोकसभा चुनाव के दौरान भी उनके नाम की चर्चा रही।
वर्ष 2025 में हुए नगर निगम उपचुनाव में भाजपा ने उन पर भरोसा जताया। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार कमल दिवान को लगभग 35000 मतों से हराकर मेयर पद जीता। अब नगर निगम के नियमित चुनाव में भी उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार कमल दिवान को हराकर लगातार दूसरी बार मेयर बनने का गौरव हासिल किया है। यह जीत पूरे पांच वर्षों के कार्यकाल के लिए है।
लगातार जनसंपर्क, संगठन में मजबूत पकड़ और शहर के विकास से जुड़े मुद्दों पर सक्रियता ने उन्हें भाजपा का बड़ा चेहरा बना दिया है। राजनीतिक उतार-चढ़ाव के बावजूद उन्होंने जनता से दूरी नहीं बनाई। यही कारण है कि शहर के विभिन्न वर्गों में उनकी स्वीकार्यता बनी रही और उन्हें लगातार दूसरी बार जनादेश मिला।
