June 30, 2026

निरंकारी मिशन: भक्त और भगवान का एकत्व ही सच्चा धर्म : संत महादेव कुडियाल

The oneness of the devotee and the Divine is true religion Saint Mahadev Kudiyal

भक्त और भगवान का एकत्व ही सच्चा धर्म : संत महादेव कुडियाल

मथुरा, किशोर स्वर्ण। उत्तराखंड से पधारे संत निरंकारी मिशन के केंद्रीय प्रचारक संत महादेव कुडियाल ने कहा कि धर्म का वास्तविक स्वरूप मानव को मानव से जोड़ना और भक्त को भगवान से एकाकार करना है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति हर क्षण परमात्मा के स्मरण में रहता है, वही सच्चे अर्थों में धर्म का पालन करता है। इसके लिए पूर्ण सतगुरु की शरण और ब्रह्मज्ञान आवश्यक है।

वृंदावन के अटल्ला चुंगी स्थित प्रेम रतन रेजिडेंसी तथा हाईवे नवादा स्थित संत निरंकारी भवन में आयोजित अलग-अलग सत्संग कार्यक्रमों को संबोधित करते हुए संत महादेव कुडियाल ने कहा कि इंसान या तो प्रभाव में जीता है या अभाव में, लेकिन विरले ही ऐसे लोग होते हैं जो हर समय प्रभु की भक्ति में लीन रहते हैं। उन्होंने कहा कि परमब्रह्म सत्य को जानना ज्ञान है और उस ज्ञान को जीवन में धारण करना ही धर्म है। भक्त और भगवान के बीच एकत्व स्थापित होना ही धर्म का वास्तविक स्वरूप है।

The oneness of the devotee and the Divine is true religion Saint Mahadev Kudiyal
भक्त और भगवान का एकत्व ही सच्चा धर्म : संत महादेव कुडियाल

उन्होंने कहा कि आज का मनुष्य दिखावे, प्रशंसा और बाहरी आडंबर में उलझ गया है। स्वयं की प्रशंसा सुनने की इच्छा, निंदा, द्वेष और अहंकार मनुष्य को सत्य से दूर ले जाते हैं। केवल दान-पुण्य या बाहरी कर्मकांड से मन की शांति प्राप्त नहीं होती, बल्कि प्रभु का सच्चा ज्ञान और मन का समर्पण ही जीवन में सुख, शांति और आनंद का मार्ग प्रशस्त करता है।

संत महादेव कुडियाल ने कहा कि मन सबसे बड़ा छल करने वाला है। यदि मन को कुमति से हटाकर सुमति की ओर लगाया जाए और उसे प्रभु के चरणों में समर्पित कर दिया जाए, तो जीवन में स्थायी सुख और आत्मिक शांति का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि सुख बांटने से सुख बढ़ता है, मुस्कान बांटने से मुस्कान लौटकर आती है और जब जीवन में परमात्मा का वास हो जाता है, तब हर क्षण आनंदमय बन जाता है।

कार्यक्रम में मथुरा के जोनल इंचार्ज संत एच. के. अरोड़ा ने कहा कि संत निरंकारी मिशन विश्वभर में सत्य, प्रेम, भाईचारे और मानव एकता का संदेश प्रसारित कर रहा है। उन्होंने सभी संतों, श्रद्धालुओं एवं उपस्थित भक्तों का स्वागत करते हुए सफल आयोजन के लिए आभार व्यक्त किया।

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