सोनीपत: मन्नत हवेली पहुंचे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, किसानों के मुद्दों पर चर्चा
सोनीपत केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा व विधायक देवेंद्र कादियान
- मंत्री श्याम सिंह राणा ने की गोहाना, खरखौदा, सोनीपत और गन्नौर अनाज मंडियों का दौरा कर किसानो से बात की
सोनीपत, अजीत कुमार। सोनीपत में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान और हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने गुरुवार को मुरथल स्थित मन्नत हवेली पहुंचकर कृषि और किसानों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। विधायक देवेंद्र कादियान ने दोनों मंत्रियों का गुलदस्ता देकर स्वागत किया और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इसके बाद उन्होंने साथ बैठकर दोपहर का भोजन किया। करीब एक घंटे रुकने के बाद दोनों मंत्री रवाना हो गए।
बैठक के दौरान खेती की लागत कम करने, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), आधुनिक तकनीक अपनाने, प्राकृतिक खेती और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। किसानों की आय बढ़ाने और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करने पर भी चर्चा की गई।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए तकनीक की भूमिका को अहम बताया। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में देश के खाद्यान्न उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। इसमें केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल, सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, जलवायु के अनुकूल तकनीकों, लक्षित निवेश और किसानों को अधिक सहायता देने का योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि बागवानी, मुर्गी पालन और डेयरी जैसी गतिविधियां भी कृषि क्षेत्र की प्रगति में अहम भूमिका निभा रही हैं। कम संसाधनों में अधिक उत्पादन हासिल करना सरकार का लक्ष्य है।
इससे पहले हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने गोहाना, खरखौदा, सोनीपत और गन्नौर की अनाज मंडियों का दौरा कर धान खरीद, फसल उठान और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को खरीद प्रक्रिया सुचारू रखने और किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने देने के निर्देश दिए। उन्होंने मंडियों में पहुंचे किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी जानीं।
विधायक देवेंद्र कादियान ने कहा कि गन्नौर में अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी शुरू होने से किसानों को फल, सब्जियां और अन्य बागवानी उत्पाद बेचने के लिए बड़ा मंच मिलेगा। इससे उपज के विपणन के अवसर बढ़ेंगे और किसानों की आय में सुधार लाने में मदद मिलेगी।
