सोनीपत: तीन साल पुराने मुआवजा विवाद पर संघर्ष फैसले का इंतजार
सोनीपत: भारतीय किसान कामगार अधिकार मोर्चा के बैनर तले अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय पहुंचे 17 गांवों के किसान।
सोनीपत, अजीत कुमार। सोनीपत के 17 गांवों के किसान बुधवार को भारतीय किसान कामगार अधिकार मोर्चा के बैनर तले अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। किसानों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बिजली की हाईटेंशन लाइनों से प्रभावित भूमि के मुआवजे तथा बाजार दर निर्धारण को लेकर महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक को तीन वर्षों से चल रहे संघर्ष का अहम पड़ाव माना जा रहा है किसानों को फैसले का इंतजार है।
किसानों का कहना है कि उनकी कृषि भूमि से गुजर रही हाईटेंशन लाइनों के कारण जमीन की उपयोगिता और कीमत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। ऐसे में प्रभावित किसानों को वर्तमान बाजार दर के अनुसार उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर 17 गांवों के किसान पिछले तीन वर्षों से लगातार आंदोलन कर रहे हैं।
मोर्चा के नेतृत्व में किसान एडीसी कार्यालय पहुंचे और बैठक शुरू होने से पहले अपनी मांगों को दोहराया। किसानों के अनुसार आज की बैठक का मुख्य मुद्दा प्रभावित भूमि की बाजार दर तय करना और मुआवजे पर अंतिम निर्णय लेना है। लंबे समय से लंबित इस मामले में प्रशासन और किसानों के बीच सहमति बनने की उम्मीद जताई जा रही है।
किसान नेताओं का कहना है कि यदि बैठक में उनकी मांगों को स्वीकार कर लिया जाता है तो इससे हजारों प्रभावित किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। वहीं, यदि कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकलता है तो आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।
बैठक के नतीजों पर जिले के 17 गांवों के किसानों की नजरें टिकी हुई हैं। किसानों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए वर्षों से लंबित मामले का समाधान निकालेगा। उनके आंदोलन और मुआवजे की लड़ाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ होने वाली यह बैठक किसानों की मांगों पर निर्णायक मोड़ ला सकती है।
