उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर: बांदा बना दुनिया का सबसे गर्म शहर, कई राज्यों में हीटवेव अलर्ट
AI से जनरेट फोटो।
नई दिल्ली, अजीत कुमार। उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत उत्तर भारत में सोमवार को गर्मी ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। उत्तर प्रदेश के बांदा में तापमान 47.6°C तक पहुंच गया, जो न केवल इस शहर का अब तक का सबसे अधिक तापमान है, बल्कि यह दुनिया का सबसे गर्म शहर भी रहा। इससे पहले बांदा में 30 अप्रैल 2022 और 25 अप्रैल 2026 को 47.4°C तापमान दर्ज किया गया था।
राजस्थान के जैसलमेर में भी पारा 46.6°C तक पहुंच गया, जो यहां का अब तक का सबसे अधिक तापमान है। इससे पहले 18 अप्रैल 2025 को यहां 46.3°C रिकॉर्ड किया गया था। मध्य प्रदेश के खजुराहो में तापमान 46°C पहुंच गया, जो पिछले एक दशक का उच्चतम स्तर है। इसके अलावा बाड़मेर, वर्धा, अमरावती और अकोला जैसे शहरों में भी तापमान 46°C या उससे अधिक दर्ज किया गया।
राजधानी दिल्ली में बढ़ती गर्मी को देखते हुए बसों में ठंडा पानी रखने और बस स्टॉप पर मुफ्त ठंडा पानी व ORS उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। वहीं, केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अस्पतालों में हीट स्ट्रोक मैनेजमेंट यूनिट सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं, ताकि आपात स्थिति में मरीजों का तुरंत इलाज किया जा सके।
मौसम विभाग के अनुसार, 29 अप्रैल को मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, दिल्ली समेत कई राज्यों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, असम और मेघालय में भारी बारिश की संभावना है। 30 अप्रैल को भी कई राज्यों में आंधी, बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है।
इस वर्ष अप्रैल में अब तक करीब 45 बार तापमान 45°C से ऊपर दर्ज किया जा चुका है, जो 2022 के बाद सबसे अधिक है। इससे संकेत मिलता है कि इस बार अप्रैल पिछले चार वर्षों में सबसे गर्म रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर के बाद मई के पहले सप्ताह से तापमान में फिर तेजी आएगी और कुछ क्षेत्रों में पारा 48 से 50°C तक पहुंच सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, हीट स्ट्रोक के मामलों में तेजी आ सकती है, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। अस्पतालों में बनाई गई हीट स्ट्रोक यूनिट्स का मुख्य उद्देश्य ‘गोल्डन आवर’ में मरीजों की जान बचाना है, जिसमें शरीर का तापमान तेजी से कम कर इलाज किया जाता है।
