ब्रिटेन में राजनीतिक भूचाल: कीर स्टार्मर ने दिया इस्तीफा, सात वर्षों में छठा प्रधानमंत्री मिलने की तैयारी
कीर स्टार्मर ने सोमवार सुबह 10 डाउनिंग स्ट्रीट से पद छोड़ने का ऐलान किया।
ब्रिटेन। ब्रिटेन की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। प्रधानमंत्री और लेबर पार्टी के नेता कीर स्टार्मर ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। लंदन स्थित प्रधानमंत्री आवास के बाहर राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी को अब यह विश्वास नहीं रहा कि वे अगले आम चुनाव में नेतृत्व करने के लिए सबसे उपयुक्त व्यक्ति हैं। उनके इस्तीफे के साथ ही ब्रिटेन में नए प्रधानमंत्री के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
स्टार्मर का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब लेबर पार्टी के भीतर उनके नेतृत्व को लेकर असंतोष लगातार बढ़ रहा था। पार्टी के अनेक सांसद उनके नेतृत्व और नीतियों पर सवाल उठा रहे थे। बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में सांसदों ने उनसे पद छोड़ने या इस्तीफे की समयसीमा घोषित करने की मांग की थी। कुछ वरिष्ठ मंत्रियों द्वारा भी असहमति जताए जाने के बाद उन पर दबाव और बढ़ गया।
अपने संबोधन में स्टार्मर ने कहा कि नए नेता के चयन तक वह प्रधानमंत्री पद पर बने रहेंगे और अपने उत्तराधिकारी को पूर्ण सहयोग देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि अपने निर्णय की जानकारी उन्होंने ब्रिटेन के सम्राट चार्ल्स तृतीय को दे दी है। लेबर पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति अब नए नेता के चुनाव की प्रक्रिया तय करेगी और जुलाई के मध्य तक नए नेता के चयन की संभावना है।
ब्रिटेन की संसदीय व्यवस्था के अनुसार वहां जनता सीधे प्रधानमंत्री का चुनाव नहीं करती। संसद में बहुमत रखने वाली पार्टी का नेता ही प्रधानमंत्री बनता है। इसलिए लेबर पार्टी का नया नेता ही देश का अगला प्रधानमंत्री बनने का सबसे प्रबल दावेदार होगा।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार एंडी बर्नहैम इस दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं। हाल ही में उपचुनाव में मिली सफलता के बाद उनकी स्थिति और मजबूत हुई है। उन्हें पार्टी के विभिन्न गुटों का समर्थन प्राप्त बताया जा रहा है। इसके अलावा एंजेला रेनर, यवेट कूपर और वेस स्ट्रीटिंग जैसे वरिष्ठ नेताओं के नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल हैं।
वर्ष 2024 में लेबर पार्टी को बड़ी चुनावी सफलता दिलाने वाले स्टार्मर की लोकप्रियता बाद के वर्षों में लगातार घटती गई। नीतिगत बदलावों, चुनावी वादों को पूरा न कर पाने और बढ़ती राजनीतिक चुनौतियों के कारण उनकी स्थिति कमजोर होती चली गई। अंततः पार्टी के भीतर बढ़ते दबाव के चलते उन्हें पद छोड़ने का निर्णय लेना पड़ा।
स्टार्मर के इस्तीफे के साथ ब्रिटेन को सात वर्षों में छठा और एक दशक में सातवां प्रधानमंत्री मिलने जा रहा है। इससे पहले डेविड कैमरन, थेरेसा मे, बोरिस जॉनसन, लिज ट्रस और ऋषि सुनक भी कार्यकाल पूरा होने से पहले या चुनावी परिस्थितियों के कारण सत्ता से बाहर हो चुके हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रिटेन की संसदीय व्यवस्था में प्रधानमंत्री का पद सीधे जनता के बजाय सांसदों के समर्थन पर निर्भर होता है। यही कारण है कि जब किसी नेता का राजनीतिक समर्थन कमजोर पड़ता है, तो बिना आम चुनाव कराए भी नेतृत्व परिवर्तन संभव हो जाता है। यही व्यवस्था ब्रिटेन में बार-बार प्रधानमंत्री बदलने की प्रमुख वजह मानी जाती है।
